पटना: पथ निर्माण विभाग, बिहार के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में आज NHAI और MoRTH द्वारा स्वीकृत सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में लंबित भू-अर्जन, फॉरेस्ट क्लियरेंस और टेंडर प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में करीब 218 किमी लंबाई (8134 करोड़ रुपये) की 6 राष्ट्रीय उच्च पथ परियोजनाओं की समीक्षा हुई, जिनका कार्य भू-अर्जन और वैधानिक स्वीकृतियों के कारण शुरू नहीं हो सका है। वहीं 360 किमी लंबाई की 12 परियोजनाएं (11222 करोड़ रुपये) ऐसी हैं, जिनकी स्वीकृति के बाद भी कार्य आवंटन लंबित है।
सचिव ने फॉरेस्ट क्लियरेंस में देरी पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को पर्यावरण विभाग के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए।
प्रमुख निर्देश:
- पटना-आरा-सासाराम परियोजना के पहले खंड (सुअरा-गड़हनी) का काम 15 मई तक शुरू करने का निर्देश
- दूसरे खंड (गड़हनी-सदीसोपुर) का कार्य अक्टूबर से शुरू करने को कहा गया
- साहेबगंज-अरेराज-बेतिया परियोजना में भू-अर्जन तेजी से पूरा करने का निर्देश
- NH-333A समेत अन्य परियोजनाओं के लिए जल्द वैधानिक स्वीकृति और टेंडर प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया
- भागलपुर के ढाका मोड़ फोरलेन चौड़ीकरण और बिहार-झारखंड सीमा तक परियोजना में तेजी लाने के निर्देश
- अररिया-परसरमा सड़क परियोजना का एकरारनामा एक माह में पूरा करने को कहा गया
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने जानकारी दी कि मोकामा-मुंगेर ग्रीनफिल्ड फोरलेन सड़क और पटना रिंग रोड (कन्हौली-शेरपुर) परियोजनाओं का कार्य आवंटित कर दिया गया है। सचिव ने इन परियोजनाओं में भी भू-अर्जन पूरा कर जल्द कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
साथ ही कटिहार और सुपौल में निर्माणाधीन ROB परियोजनाओं को अक्टूबर तक हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
सचिव ने स्पष्ट किया कि सभी लंबित और विलंबित परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।






