पटना: बिहार की राजनीति में वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। राज्य सरकार ने ताज़ा थ्रेट असेसमेंट के आधार पर कई नेताओं की सुरक्षा श्रेणियों में बदलाव किया है, जिससे सुरक्षा संसाधनों के बेहतर उपयोग और वास्तविक खतरे के अनुरूप सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सबसे अहम फैसले में, पूर्व मुख्यमंत्री Nitish Kumar के बेटे Nishant Kumar को Z श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। यह निर्णय उनके खतरे के स्तर की समीक्षा के बाद लिया गया है।
वहीं, भाजपा नेता और पूर्व मंत्री Vijay Kumar Sinha की सुरक्षा श्रेणी घटा दी गई है, जो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।
इसके अलावा:
- जेडीयू के वरिष्ठ नेता Shravan Kumar की सुरक्षा बढ़ाकर Y+ (एस्कॉर्ट सहित) कर दी गई है
- उपमुख्यमंत्री Vijay Kumar Choudhary और Bijendra Prasad Yadav को पहले ही Z श्रेणी सुरक्षा दी जा चुकी है
राज्य सरकार के संयुक्त सचिव नवीन चंद्र द्वारा जारी आदेश में पुलिस महानिदेशक और विशेष शाखा को निर्देश दिया गया है कि नई सुरक्षा व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की जाए।
सुरक्षा श्रेणियों का मतलब क्या है?
- Z श्रेणी सुरक्षा: आमतौर पर 22–24 सुरक्षाकर्मी, जिनमें कमांडो, एस्कॉर्ट वाहन और 24×7 निगरानी शामिल होती है
- Z+ सुरक्षा: राज्य में सबसे उच्च स्तर की सुरक्षा, जो पहले से ही Nitish Kumar को Bihar Special Security Act 2000 के तहत प्राप्त है
क्या संकेत मिलते हैं?
यह बदलाव साफ तौर पर दर्शाता है कि:
- सरकार थ्रेट-आधारित सुरक्षा मॉडल पर जोर दे रही है
- राजनीतिक और सुरक्षा समीकरणों के अनुसार डायनेमिक री-असेसमेंट किया जा रहा है
- सुरक्षा संसाधनों को अधिक संतुलित और प्रभावी बनाने की कोशिश है






