शाह बनाम ममता: 15 साल के शासन पर आरोप पत्र से बंगाल की राजनीति में उबाल

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कोलकाता। अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव 2026 से पहले शनिवार को कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पिछले 15 वर्षों से भय, भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण की राजनीति चल रही है। शाह ने कहा कि आने वाला चुनाव यह तय करेगा कि बंगाल की जनता “भय” को चुनेगी या “भरोसे” को।

‘जनता की आवाज’ बताया आरोप पत्र

अमित शाह ने तृणमूल सरकार के खिलाफ एक विस्तृत आरोप पत्र जारी करते हुए कहा कि यह किसी एक दल का नहीं, बल्कि बंगाल की जनता की आवाज है। उनके अनुसार, यह दस्तावेज राज्य सरकार के 15 वर्षों के “काले कारनामों” का संकलन है।

ममता पर ‘सहानुभूति की राजनीति’ का आरोप

केंद्रीय गृह मंत्री ने ममता बनर्जी पर सहानुभूति की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह खुद को पीड़ित दिखाने की कोशिश करती हैं—कभी चोट, कभी बीमारी या अन्य मुद्दों को लेकर।

कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर सवाल

उन्होंने दावा किया कि राज्य में आम लोगों के बीच असुरक्षा का माहौल है। महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं के भविष्य और संपत्ति की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

शाह ने आरोप लगाया कि राज्य में संगठित वसूली तंत्र खड़ा हो गया है और भ्रष्टाचार व्यवस्था का हिस्सा बन चुका है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि विकास के अभाव में बंगाल उद्योगों के लिए “कब्रगाह” बन गया है।

घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा

अमित शाह ने अवैध घुसपैठ को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों से हो रही गतिविधियां राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं और इन्हें राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है।

भाजपा के बढ़ते जनाधार का दावा

उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी का जनाधार लगातार बढ़ रहा है—

  • 2014 लोकसभा चुनाव: 17% वोट, 2 सीट
  • 2019 लोकसभा चुनाव: 41% वोट, 18 सीट
  • 2024 लोकसभा चुनाव: 39% वोट, 12 सीट

विधानसभा चुनावों में भी पार्टी की स्थिति मजबूत हुई है—

  • 2016: 10% वोट, 3 सीट
  • 2021: 38% वोट, 77 सीट

विपक्षी नेता का जिक्र

शाह ने सुवेंदु अधिकारी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने पूरे राज्य में भ्रमण कर अव्यवस्था, आर्थिक संकट और घुसपैठ जैसे मुद्दों को जनता के बीच उठाया है।

चुनाव व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

केंद्रीय गृह मंत्री ने राज्य की चुनाव व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान हालात ऐसे बने कि उच्चतम न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा।

‘डबल इंजन सरकार’ का मॉडल

उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में भाजपा की “डबल इंजन” सरकार है, वहां विकास तेजी से हुआ है। उदाहरण के तौर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, असम, त्रिपुरा और ओडिशा का उल्लेख किया।

जनता से अपील

अपने संबोधन के अंत में अमित शाह ने कहा कि बंगाल की जनता को तय करना है कि वह भय और भ्रष्टाचार की राजनीति को जारी रखना चाहती है या शांति, विकास और विश्वास के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहती है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार जनता उनकी पार्टी को स्पष्ट बहुमत देगी।

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