रांची | 26 मार्च
रांची प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में अंबा प्रसाद ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में अपराधी पुलिस के संरक्षण में अपराध कर रहे हैं और आम जनता असुरक्षित महसूस कर रही है।
राजधानी में डर का माहौल, शाम होते ही बंद हो रही दुकानें
अंबा प्रसाद ने कहा कि राजधानी रांची में हालात ऐसे हो गए हैं कि छोटी-बड़ी दुकानें रात 8 बजे ही बंद हो जाती हैं। लोगों को डर रहता है कि कहीं लूटपाट या डकैती की घटना न हो जाए। उन्होंने दावा किया कि राज्य में हत्या, अपहरण, जबरन वसूली, पेट्रोल पंप और मॉल में डकैती जैसी घटनाएं लगातार हो रही हैं।
जेल से संचालित हो रहा संगठित अपराध
उन्होंने आरोप लगाया कि संगठित अपराध—जैसे डकैती, ट्रैफिकिंग, लूट, ब्राउन शुगर और ड्रग्स माफिया—जेल से ही संचालित किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि यदि पुलिस चाहे तो इन पर रोक लग सकती है, लेकिन अधिकांश मामलों में अपराध पुलिस की मिलीभगत से हो रहे हैं।
विदेश भाग रहे अपराधी, पुलिस विफल: अंबा
अंबा प्रसाद ने कहा कि झारखंड के अपराधी फर्जी पासपोर्ट के जरिए अजरबैजान, फ्रांस और इंग्लैंड जैसे देशों में फरार हो रहे हैं और पुलिस उन्हें पकड़ने में नाकाम साबित हो रही है। साथ ही, राज्य में ड्रग्स का कारोबार भी तेजी से फैल रहा है।
क्राइम पैटर्न में बदलाव, रांची बना हॉटस्पॉट
उन्होंने कहा कि पहले सबसे ज्यादा हत्याएं गुमला जिले में होती थीं, लेकिन अब यह ट्रेंड बदलकर रांची में आ गया है, जो चिंता का विषय है।
डीजीपी की कार्यशैली पर उठाए सवाल
अंबा प्रसाद ने राज्य के डीजीपी तदाशा मिश्रा की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस एक गिरोह को बढ़ावा देने के लिए दूसरे गिरोह को खत्म कर रही है।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस के आपातकालीन नंबर 100 पर कॉल रिसीव नहीं किया जाता, जिससे आम जनता को काफी परेशानी होती है।
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