27 दिन बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, नड्डा और जितेंद्र सिंह की पहल रंग लाई

Share

नई दिल्ली,: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 27 दिनों तक चले अपने भूख हड़ताल को समाप्त कर दिया। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से अस्पताल में मुलाकात और सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने जूस पीकर अनशन तोड़ा।

NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ था अनशन

सोनम वांगचुक 28 जून 2026 से NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर अनशन पर बैठे थे। उनकी मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और जवाबदेही तय करने की थी। इस आंदोलन को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) सहित कई संगठनों का समर्थन मिला।

स्वास्थ्य बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती

अनशन के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल और बाद में गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में शिफ्ट किया गया। यहीं पर केंद्रीय नेताओं से बातचीत के बाद उन्होंने अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।

सरकार के साथ बनी सहमति

अनशन खत्म करने से पहले वांगचुक ने सरकार के सामने कुछ अहम शर्तें रखीं, जिन पर सहमति बनी। प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई या एफआईआर नहीं की जाएगी। मानसून सत्र के दौरान पेपर लीक और छात्र मुद्दों पर संसद में चर्चा होगी। पेपर लीक से प्रभावित और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा।

आंदोलन खत्म, लेकिन मुद्दा कायम

हालांकि विपक्ष और आंदोलनकारी संगठन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं, लेकिन सोनम वांगचुक ने छात्रों के हित को प्राथमिकता देते हुए सरकार के आश्वासन पर अपना आंदोलन समाप्त कर दिया है। अब नजरें सरकार के वादों के क्रियान्वयन और संसद में होने वाली चर्चा पर टिकी हैं।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930