नई दिल्ली, 05 सितंबर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि एक समय दुनिया भारत में ‘पॉलिसी पैरालिसिस’ की चर्चा करती थी, लेकिन आज वही दुनिया भारत के ‘पॉलिसी डायनामिज्म’ की चर्चा कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और नीतियों तथा फैसलों को लागू करने की देश की गति को पूरी दुनिया देख रही है।
2013 के एसआरसीसी दौरे को किया याद
प्रधानमंत्री ने 2013 में एसआरसीसी में दिए अपने भाषण को याद करते हुए कहा कि उस समय उन्होंने देश के सामने सकारात्मक दृष्टिकोण और भविष्य का विजन रखा था। उन्होंने कहा कि उस दौर में देश में निराशा का माहौल था।
मोदी ने गिलास का उदाहरण देते हुए कहा था कि कुछ लोग उसे आधा भरा और कुछ आधा खाली देखते हैं, जबकि वह गिलास को पूरी तरह भरा हुआ देखते हैं—आधा पानी और आधा हवा। उन्होंने कहा कि उस समय भी उनका यही विश्वास था और आज भी वह उन्हीं विचारों और सपनों के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
विपक्ष में रहते हुए आलोचना के बजाय विजन रखा
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2013 में वह गुजरात के मुख्यमंत्री होने के साथ देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी के सदस्य थे। लोगों को उम्मीद थी कि वह तत्कालीन केंद्र सरकार पर लंबा हमला करेंगे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने उस मंच से देश के लिए एक विजन प्रस्तुत किया और सकारात्मक बातों पर जोर दिया।
2013 में निराशा और आर्थिक सुस्ती का दौर
मोदी ने उस समय की परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि 2013 में अखबारों की सुर्खियों में नियंत्रण रेखा पर भारतीय सैनिकों की हत्या, विकास दर के अनुमान में कटौती, रिकॉर्ड चालू खाता घाटा, करीब 10 प्रतिशत महंगाई और आर्थिक सुस्ती जैसी खबरें प्रमुख थीं।
उन्होंने कहा कि घोटाले चरम पर थे, भ्रष्टाचारी बेखौफ घूमते थे और अर्थव्यवस्था बदहाल थी। चारों तरफ ‘पॉलिसी पैरालिसिस’ की चर्चा थी। दुनिया भारत को ‘फ्रैजाइल फाइव’ देशों में गिन रही थी और आतंकवाद तथा पाकिस्तान की चुनौती भी गंभीर थी।
आतंकवाद और नक्सलवाद पर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं। आतंकवाद फैलाने वाले पस्त पड़े हैं और पाकिस्तान की ओर से नापाक हरकत होने पर भारतीय सेनाएं जवाब देने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर तक शांति बढ़ी है और माओवादी आतंक तथा नक्सलवाद की कमर तोड़ी गई है।
मोदी ने हाल में सामने आए 7.8 प्रतिशत तिमाही आर्थिक विकास और जापानी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी द्वारा भारत की रेटिंग में सुधार जैसी खबरों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध और व्यापार संबंधी चुनौतियों के बावजूद इतनी तेज आर्थिक वृद्धि भारत के सामर्थ्य को दर्शाती है।
रेलवे विद्युतीकरण को बताया नीति की गति का उदाहरण
प्रधानमंत्री ने रेलवे विद्युतीकरण को नीति-निर्णय की गति का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि भारत में पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन 1925 में चली थी और एसआरसीसी की स्थापना 1926 में हुई थी। इसके बावजूद 2014 तक 90 वर्षों में देश की 30 प्रतिशत से भी कम रेलवे लाइनों का विद्युतीकरण हुआ था।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में रेलवे विद्युतीकरण लगभग 100 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
मेड इन इंडिया से मोबाइल निर्यात तक का सफर
मोदी ने कहा कि 2013 में उन्होंने ‘मेड इन इंडिया’ पर जोर दिया था। उस समय कुछ लोगों ने इसे नहीं समझा और आज भी कुछ लोग इसका मजाक उड़ाते हैं। उन्होंने कहा कि अब दुनिया के बड़े ब्रांड भारत को अपना उत्पादन केंद्र बना रहे हैं और मेड इन इंडिया स्मार्टफोन दुनिया के कोने-कोने में पहुंच रहे हैं।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, 2014 में भारत बड़ी मात्रा में मोबाइल फोन आयात करता था, जबकि आज देश ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक के मोबाइल फोन का निर्यात कर रहा है।
रक्षा उत्पादन में भी आत्मनिर्भरता का दावा
रक्षा उत्पादन का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले भारतीय सेनाओं के लिए अधिकांश सामान विदेश से खरीदा जाता था। सरकार ने सेनाओं के साथ मिलकर जरूरतों की सूची तैयार की और भारतीय कंपनियों को इनके निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने कहा कि आज देश का रक्षा उत्पादन सर्वकालिक ऊंचाई पर है और करीब दो लाख करोड़ रुपये का रक्षा उत्पादन हो रहा है। 2013-14 में करीब 600-700 करोड़ रुपये का रक्षा निर्यात होता था, जो अब लगभग 40 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
व्यापार समझौतों से युवाओं के लिए बढ़े अवसर
मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में करीब 40 देशों के साथ व्यापार और मुक्त व्यापार समझौते हुए हैं। इससे नए बाजार खुल रहे हैं और भारतीय वस्तुओं तथा सेवाओं पर शुल्क कम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे देश के युवाओं के लिए अवसरों का नया आकाश तैयार हो रहा है।
भारत के अंतरिक्ष स्टेशन और ओलंपिक आयोजन का संकल्प
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन होगा और वह दिन भी आएगा जब भारत ऐसे ओलंपिक का आयोजन करेगा कि पूरी दुनिया उसे देखती रह जाएगी। उन्होंने कहा कि ये केवल बातें नहीं, बल्कि संकल्प हैं और इन्हें सिद्धि में बदलने के लिए देश में काम किया जा रहा है।
एसआरसीसी के 100 साल के सफर को किया याद
मोदी ने एसआरसीसी के शताब्दी समारोह को ऐतिहासिक अवसर बताते हुए संस्थापक सर श्रीराम को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि दरियागंज के छोटे से स्थान से शुरू हुआ यह संस्थान आज विशाल वृक्ष बन चुका है। एसआरसीसी ने सौ वर्षों में पीढ़ियों को गढ़ा और उन्हें उज्ज्वल भविष्य से जोड़ा है।
उन्होंने कॉलेज के पूर्व छात्रों को ‘ओजी’ बताते हुए कहा कि उन्होंने देश और दुनिया में संस्थान का नाम रोशन किया। प्रधानमंत्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली को भी याद किया और कहा कि उनसे जब भी मुलाकात होती थी, वह एसआरसीसी की कोई न कोई घटना जरूर सुनाते थे।
उन्होंने कहा कि इस संस्थान से कलाकार, नेता, वकील और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने वाली अनेक हस्तियां निकली हैं।
युवाओं से देश की क्षमता पर भरोसा रखने की अपील
प्रधानमंत्री ने युवाओं से 2013 और आज के भारत की तुलना करने तथा देश की क्षमताओं पर विश्वास रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “मुझे देश पर विश्वास है, देश की क्षमताओं पर विश्वास है और देश के युवाओं पर विश्वास है।”
इसी विश्वास के आधार पर उन्होंने ‘विकसित भारत’ का संकल्प दोहराते हुए कहा कि 140 करोड़ भारतीय मिलकर देश को विकसित बनाएंगे।






