हजारीबाग, 05 सितंबर। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के मेरु कैंप स्थित रानी लक्ष्मीबाई परेड ग्राउंड में शनिवार को पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया। समारोह में 140 नवप्रशिक्षित जवानों ने तिरंगे के नीचे देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा की शपथ ली। इस दौरान ‘भारत माता की जय’ के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
44 सप्ताह का कठिन प्रशिक्षण पूरा किया
इन जवानों ने 44 सप्ताह का कठिन प्रशिक्षण पूरा किया है। प्रशिक्षण के दौरान जवानों को अनुशासन, शारीरिक दक्षता और सैन्य कौशल के साथ विभिन्न परिस्थितियों में कर्तव्यों के निर्वहन के लिए तैयार किया गया। पासिंग आउट परेड में जवानों ने शानदार प्रदर्शन किया।
प्रशिक्षण में केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक समेत कई राज्यों के जवान शामिल रहे।

हथियार चलाने से लेकर कानून और मानवाधिकार की दी जानकारी
प्रशिक्षण केंद्र के महानिरीक्षक धीरेंद्र संभाजी कुटे ने बताया कि जवानों को शारीरिक प्रशिक्षण के साथ हथियार चलाने, कानून, अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों की जानकारी दी गई। उन्हें आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने के विभिन्न तरीकों का भी प्रशिक्षण दिया गया।
जवानों को खेलकूद और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से भी उनकी जिम्मेदारियों के लिए तैयार किया गया, ताकि वे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर ढंग से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।
देशभक्ति की धुनों से गूंजा परिसर
समारोह के दौरान बीएसएफ बैंड ने देशभक्ति की धुनों की शानदार प्रस्तुति दी। इसके अलावा पारंपरिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। पासिंग आउट परेड के बाद सभी 140 जवान औपचारिक रूप से सीमा सुरक्षा बल का हिस्सा बन गए।
देश के अलग-अलग हिस्सों में होगी तैनाती
प्रशिक्षण पूरा करने वाले इन जवानों को देश के विभिन्न हिस्सों में तैनात किया जाएगा। उन्हें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के साथ-साथ पंजाब और जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में भी सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

परिवारों को भी देश सेवा में योगदान का अवसर
महानिरीक्षक धीरेंद्र संभाजी कुटे ने नवप्रशिक्षित जवानों के माता-पिता और परिवार के सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अपने बेटों को बीएसएफ में भेजकर उनके परिवारों ने भी देश सेवा में योगदान दिया है।
जवानों के परिवारों ने भी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि उनके बेटे अब देश की सुरक्षा में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।
मेरु प्रशिक्षण केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त इन जवानों का देश सेवा के लिए आगे बढ़ना हजारीबाग के लिए भी गर्व की बात है।






