वॉशिंगटन। इजराइल और लेबनान के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में चल रही सीधी वार्ता का पहला दौर समाप्त हो गया है। करीब तीन दशक बाद हुई इस बातचीत को क्षेत्रीय शांति के लिहाज से अहम माना जा रहा है, हालांकि फिलहाल युद्धविराम पर कोई सहमति नहीं बन सकी है।
वार्ता को बताया गया सकारात्मक
अमेरिका में इजराइल के राजदूत येचिएल लेइटर ने लेबनान की राजदूत नादा हमादेह के साथ हुई दो घंटे की बैठक को “बेहद सकारात्मक” बताया। उन्होंने कहा कि कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिन्हें अब दोनों देश अपनी-अपनी सरकारों के सामने रखेंगे।
युद्धविराम पर इजराइल का सख्त रुख
वार्ता के बावजूद युद्धविराम पर कोई ठोस सहमति नहीं बनी। इजराइल ने स्पष्ट किया कि जब तक सीमा पार से हमले जारी रहेंगे, तब तक सैन्य कार्रवाई रोकी नहीं जाएगी। लेइटर ने कहा कि उनकी प्राथमिकता अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
हिज्बुल्लाह पर भी बयान
इजराइल ने हिज्बुल्लाह को कमजोर बताते हुए संकेत दिया कि सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। हालांकि, भविष्य में दोनों देशों के बीच बेहतर और औपचारिक संबंध बनने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया।
आगे भी जारी रह सकती है बातचीत
लेबनान की सरकारी एजेंसी के अनुसार, यह वार्ता सीमा पर बढ़ते तनाव को कम करने और स्थायी समाधान तलाशने की दिशा में शुरुआती प्रयास है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले हफ्तों में दोनों पक्ष फिर से बातचीत के लिए मिल सकते हैं।
फिलहाल, भले ही तत्काल युद्धविराम का रास्ता नहीं निकल पाया हो, लेकिन संवाद की बहाली को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, जो भविष्य में शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकता है।





