भागलपुर, 02 अक्टूबर । झारखंड के गोड्डा लोकसभा क्षेत्र और आसपास के इलाकों में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में विक्रमशिला-कटारिया नई रेल लाइन परियोजना ने महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है। परियोजना के लिए 1,163.32 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत का ई-टेंडर जारी किया गया है। यह निविदा पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण/दक्षिण) की ओर से राष्ट्रपति की ओर से आमंत्रित की गई है।
इस परियोजना में विक्रमशिला से कटारिया के बीच नई रेल लाइन, शिवनारायणपुर वाई-लिंक और कटारिया वाई-लिंक से नवगछिया तक रेल संपर्क विकसित करने का काम शामिल है। परियोजना के पूरा होने से भागलपुर, नवगछिया, गोड्डा, देवघर और संताल परगना क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है।
1,163 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना
टेंडर के अनुसार परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹11,63,32,22,072.34 है। रेलवे ने इसके लिए ₹23,26,64,500 की बयाना राशि निर्धारित की है। परियोजना को पूरा करने की समय-सीमा 1460 दिन यानी करीब चार वर्ष रखी गई है।
काम को इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) के तहत सिंगल स्टेज, टू-पैकेट सिस्टम के माध्यम से कराया जाएगा।
33.294 किलोमीटर लंबी होगी नई रेल परियोजना
इस वृहद रेल परियोजना के तहत कुल 33.294 किलोमीटर लंबाई में रेल संबंधी निर्माण कार्य किया जाएगा। इसमें करीब 4.09 किलोमीटर लंबे महत्वपूर्ण पुल पर रेलवे ट्रैक बिछाने का काम भी शामिल है।
परियोजना में विक्रमशिला से कटारिया के बीच 0.50 किलोमीटर से 24.274 किलोमीटर तक नई रेल लाइन का निर्माण प्रस्तावित है।
इसके अलावा शिवनारायणपुर वाई-लिंक में 1.10 किलोमीटर से 2.933 किलोमीटर तक तथा कटारिया वाई-लिंक से नवगछिया के बीच 21.533 किलोमीटर से 29.22 किलोमीटर तक निर्माण कार्य शामिल किया गया है।
रेल ट्रैक के साथ पुल और स्टेशन भी बनेंगे
परियोजना के तहत केवल रेल लाइन बिछाने तक काम सीमित नहीं रहेगा। रेलवे की निविदा में मिट्टी का काम, ब्लैंकेटिंग, छोटे और बड़े पुल, रोड ओवरब्रिज, अंडरपास और आरयूबी सहित कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य शामिल हैं।
इसके साथ ही नए स्टेशन भवन, यात्री प्लेटफॉर्म, फुट ओवरब्रिज तथा रेलवे से जुड़े अन्य सिविल इंजीनियरिंग कार्य भी किए जाएंगे। पूरी परियोजना को भारतीय रेलवे के 25 टन मानक लोडिंग क्षमता के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
चार साल में पूरा करने का लक्ष्य
रेलवे ने इस परियोजना के लिए निर्माण कार्य पूरा करने की अवधि 1460 दिन निर्धारित की है। यानी ठेका मिलने के बाद करीब चार वर्षों में परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
टेंडर प्रक्रिया में संयुक्त उद्यम (Joint Venture) और कंसोर्टियम को भी भाग लेने की अनुमति दी गई है। इसमें अधिकतम चार सदस्य शामिल हो सकते हैं। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि निविदा प्रक्रिया में केवल ऑनलाइन माध्यम से बोलियां स्वीकार की जाएंगी और मैनुअल प्रस्तावों पर विचार नहीं किया जाएगा।
अक्टूबर में होगी प्री-बिड कॉन्फ्रेंस
टेंडर प्रक्रिया के तहत 26 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:15 बजे प्री-बिड कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी।
इसके बाद 13 जनवरी 2027 से बिडिंग शुरू होगी। निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 27 जनवरी 2027 सुबह 11 बजे तक निर्धारित की गई है।
इस प्रक्रिया के बाद चयनित एजेंसी को परियोजना के निर्माण का जिम्मा दिया जाएगा।
भागलपुर और नवगछिया क्षेत्र को मिलेगा सीधा रेल संपर्क
परियोजना के पूरा होने से भागलपुर और नवगछिया क्षेत्र के बीच रेल कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। नई रेल लाइन बनने से इस क्षेत्र में आवागमन के साथ-साथ व्यापार, रोजगार और कृषि उत्पादों के परिवहन को भी गति मिल सकती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, नई रेल लाइन से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होने के साथ ही परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। लंबे समय से बेहतर रेल संपर्क की जरूरत महसूस कर रहे लोगों के लिए टेंडर जारी होना महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सांसद निशिकांत दुबे ने रेल मंत्रालय के समक्ष उठाया था मामला
स्थानीय स्तर पर इस परियोजना को लेकर गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे के प्रयासों की चर्चा की जा रही है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार सांसद ने संसद में इस परियोजना को लेकर आवाज उठाने के साथ ही रेल मंत्रालय के स्तर पर लगातार समन्वय किया।
टेंडर जारी होने के बाद क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने सांसद के प्रति आभार जताया और इसे क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।
संताल परगना के लिए भी महत्वपूर्ण रेल कनेक्टिविटी
परियोजना का असर केवल भागलपुर और नवगछिया तक सीमित नहीं रहने की उम्मीद है। सांसद निशिकांत दुबे ने कहा है कि गंगा पुल के निर्माण के बाद गोड्डा और देवघर की कनेक्टिविटी सीमांचल के जिलों से काफी बेहतर होगी।
उनके अनुसार, इससे संताल परगना को एक नया रेल बाईपास मिल सकेगा और क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई दिशा मिलेगी।
सांसद ने बताया क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर
विक्रमशिला-कटारिया नई रेल लाइन परियोजना का टेंडर जारी होने पर डॉ. निशिकांत दुबे ने प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने इसे पूरे क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।
परियोजना के तहत नई रेल लाइन, पुल, स्टेशन और अन्य आधारभूत संरचनाओं के निर्माण से आने वाले वर्षों में क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था में व्यापक बदलाव की संभावना है। करीब 1,163 करोड़ रुपये की इस परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद भागलपुर, नवगछिया और संताल परगना क्षेत्र के बीच रेल संपर्क को नया विस्तार मिलने की उम्मीद है।






