रांची। राजधानी रांची में आज से 4 हजार से अधिक कैब चालक और बाइक राइडर हड़ताल पर चले गए हैं। इस हड़ताल में ओला, उबर और रैपिडो जैसे ऐप आधारित सेवाओं से जुड़े चालक शामिल हैं। हड़ताल के कारण शहर में यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
किराया बढ़ाने की मुख्य मांग
हड़ताल पर बैठे चालकों का कहना है कि वर्तमान किराया दर उनके खर्च के मुकाबले काफी कम है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ वाहन बीमा, ईएमआई और रख-रखाव का खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में मौजूदा किराए पर काम करना मुश्किल हो गया है।
कमीशन घटाने की भी मांग
चालकों ने यह भी मांग उठाई है कि ओला, उबर और रैपिडो जैसी कंपनियां जो कमीशन लेती हैं, उसे कम किया जाए। उनका कहना है कि अधिक कमीशन की वजह से उनकी आमदनी लगातार घट रही है और गुजारा करना मुश्किल हो रहा है।
पहले भी कर चुके हैं आंदोलन
यह पहली बार नहीं है जब कैब चालकों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल की है। इससे पहले भी फेयर पॉलिसी और उचित कमाई की मांग को लेकर वे आंदोलन कर चुके हैं।
कंपनियों पर शोषण का आरोप
चालकों का आरोप है कि एग्रीगेटर कंपनियों की नीतियां शोषणकारी हैं। उनका कहना है कि इन नीतियों के कारण उनकी कमाई लगातार घटती जा रही है, जबकि खर्च बढ़ता जा रहा है।
यात्रियों पर असर
हड़ताल के चलते शहर में कैब और बाइक राइड की उपलब्धता कम हो गई है, जिससे यात्रियों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।






