रांची। रांची जिला प्रशासन ने जनगणना कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में मकान सूचीकरण और गणना कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई।
धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
बैठक के दौरान कई प्रखंडों में कार्य की धीमी गति पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने साफ कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तीन बीडीओ पर कार्रवाई
अनगड़ा प्रखंड, सोनाहातू प्रखंड और सिल्ली प्रखंड में कार्य की सुस्ती को गंभीरता से लेते हुए संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को शोकॉज नोटिस जारी करने और उनके वेतन पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए।
समयसीमा में कार्य पूरा करने का निर्देश
उपायुक्त ने सभी बीडीओ को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जनगणना कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करें। साथ ही पोर्टल पर डेटा एंट्री की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि आंकड़ों में किसी प्रकार की त्रुटि न हो।
विकास योजनाओं की आधारशिला है जनगणना
मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जनगणना केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि विकास योजनाओं की आधारशिला है। इसलिए इसे पूरी जिम्मेदारी और समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना जरूरी है।
बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में संजय भगत, कुमार रजत, रामनारायण सिंह, सुदर्शन मुर्मू, शेषनाथ बैठा, उर्वशी पाण्डेय, राजीव कुमार सहित अन्य अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।






