रांची, 23 सितंबर। रांची में लगातार सामने आ रही चेन स्नेचिंग की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और पूर्व में हुई घटनाओं का जल्द खुलासा करने के लिए पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) की अध्यक्षता में बुधवार रात हुई बैठक में चेन स्नेचिंग की घटनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में अपराध के पैटर्न, अपराधियों के संभावित आवागमन मार्ग, संवेदनशील स्थानों और तकनीकी साक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में गश्ती बढ़ाने, सादे लिबास में पुलिसकर्मियों की तैनाती करने, संभावित अपराधी रूट पर वाहन जांच तेज करने और सीसीटीवी फुटेज का व्यवस्थित विश्लेषण करने के निर्देश दिए गए। चेन स्नेचिंग के मामलों के त्वरित उद्भेदन के लिए एसआईटी का गठन किया गया है, जबकि टेक्निकल सेल को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों और उनके नेटवर्क की पहचान करने की जिम्मेदारी दी गई है।
चेन स्नेचिंग के हॉटस्पॉट किए जाएंगे चिन्हित
बैठक में निर्देश दिया गया कि शहर में चेन स्नेचिंग के हॉटस्पॉट और संवेदनशील इलाकों को चिन्हित किया जाए। इन स्थानों पर नियमित और प्रभावी पुलिस गश्ती सुनिश्चित की जाएगी।
इसके साथ ही जरूरत के अनुसार सादे लिबास में पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की जाएगी, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और अपराध की आशंका वाले इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जा सके।
घटनाओं का केसवार और स्थानवार होगा विश्लेषण
पूर्व में हुई चेन स्नेचिंग की घटनाओं का केसवार और स्थानवार विश्लेषण करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस घटनाओं के पैटर्न का अध्ययन कर यह पता लगाएगी कि अपराधी किन इलाकों और रास्तों का इस्तेमाल करते रहे हैं।
इसके अलावा अपराधियों के संभावित रूट और एग्जिट प्वाइंट को चिन्हित किया जाएगा। घटनास्थल से लेकर संभावित भागने के रास्तों तक उपलब्ध सीसीटीवी कैमरों की पहचान कर फुटेज का व्यवस्थित तरीके से विश्लेषण करने को कहा गया है।
सीसीटीवी फुटेज से अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश
पुलिस अब चेन स्नेचिंग की घटनाओं में सीसीटीवी फुटेज को जांच का महत्वपूर्ण आधार बनाएगी। घटनास्थल और अपराधियों के संभावित आवागमन वाले रास्तों पर लगे कैमरों की फुटेज की जांच की जाएगी।
जिन इलाकों में सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध नहीं हैं, वहां स्थानीय स्तर पर सीसीटीवी अधिष्ठापन को प्रोत्साहित करने का भी निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य भविष्य में होने वाली घटनाओं की निगरानी और अपराधियों की पहचान में तकनीकी मदद हासिल करना है।
संभावित रूट पर वाहन जांच और विशेष बल की तैनाती
अपराधियों के संभावित आवागमन मार्गों पर प्रभावी पुलिस बल की तैनाती के साथ वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। पुलिस जरूरत के अनुसार संवेदनशील स्थानों पर विशेष बल की प्रतिनियुक्ति भी करेगी।
इस दौरान संदिग्ध वाहनों और लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ अपराध की आशंका वाले क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता बढ़ाई जाएगी।
चेन स्नेचिंग मामलों के लिए एसआईटी गठित
चेन स्नेचिंग के मामलों का जल्द खुलासा करने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। एसआईटी को पूर्व में दर्ज मामलों की समीक्षा कर अपराधियों तक पहुंचने और घटनाओं के बीच संभावित कड़ियों की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है।
पुलिस अधिकारियों को मामलों के त्वरित उद्भेदन के लिए विभिन्न स्तरों पर समन्वय बनाकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
टेक्निकल सेल को सीसीटीवी और मोबाइल डेटा की जांच का जिम्मा
बैठक में टेक्निकल सेल को सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण करने का निर्देश दिया गया। इन साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की पहचान करने के साथ-साथ उनके नेटवर्क और संभावित सहयोगियों का भी पता लगाने की कोशिश की जाएगी।
पुलिस का जोर तकनीकी जांच और पारंपरिक पुलिसिंग के समन्वय के जरिए मामलों को जल्द सुलझाने पर है।
पुराने अपराधियों की प्रोफाइलिंग और सत्यापन
पुलिस पूर्व में चेन स्नेचिंग अथवा इसी तरह के अपराधों में संलिप्त रहे अपराधियों की प्रोफाइलिंग और सत्यापन भी कर रही है। ऐसे अपराधियों की गतिविधियों और वर्तमान ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है।
इसके अलावा जेल से बाहर आए अपराधियों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। पुलिस उनके संभावित संपर्कों और गतिविधियों की भी जानकारी जुटा रही है।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, पुलिस अधीक्षक यातायात, सहायक पुलिस अधीक्षक कोतवाली, प्रोबेशनर पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक नगर, पुलिस उपाधीक्षक सदर और सभी थाना प्रभारी मौजूद रहे।
वरिष्ठ अधिकारियों ने चेन स्नेचिंग की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए क्षेत्रवार रणनीति और पुलिसिंग व्यवस्था की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने के साथ-साथ पुराने मामलों के अनुसंधान में तेजी लाई जाए।






