रांची, 24 जुलाई। रांची स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति के विशेष और फॉरेंसिक ऑडिट की मांग को लेकर झारखंड उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई है। धुर्वा निवासी अजय कुमार की ओर से दायर इस याचिका में राज्य सरकार, जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति, केनरा बैंक समेत अन्य संबंधित पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया है।
जीएसटी नियमों के उल्लंघन का आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया है कि जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से जुड़े नियमों का पालन नहीं कर रही है। इसके अलावा याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि मंदिर न्यास समिति का बैंक खाता गलत पैन के आधार पर संचालित किया जा रहा है।
याचिका में इसे भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के बैंक खातों के सत्यापन और संचालन से संबंधित दिशा-निर्देशों का उल्लंघन बताया गया है।
केनरा बैंक पर भी उठाए सवाल
याचिकाकर्ता ने केनरा बैंक की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया गया है कि बैंक ने आरबीआई के नियमों का पालन नहीं किया और जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति के खाते को मंदिर पुनर्निर्माण समिति के पैन के आधार पर संचालित होने दिया।
खाते और दान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की मांग
याचिका में हाई कोर्ट से मांग की गई है कि मंदिर न्यास समिति के सभी लेखा-जोखा, आय-व्यय का विवरण, दानपात्र और दान से जुड़े रिकॉर्ड को तत्काल किसी प्रशासनिक अधिकारी के नियंत्रण में सौंपा जाए, ताकि उनकी निष्पक्ष जांच कराई जा सके।
याचिकाकर्ता ने मंदिर समिति की वित्तीय गतिविधियों की जांच के लिए विशेष ऑडिट और फॉरेंसिक ऑडिट कराने का निर्देश देने की भी मांग की है।
वर्तमान न्यास समिति से प्रबंधन अधिकार वापस लेने की मांग
याचिका में यह भी आग्रह किया गया है कि वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच पूरी होने तक वर्तमान न्यास समिति से मंदिर प्रबंधन का अधिकार वापस लिया जाए।
याचिकाकर्ता ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पारदर्शी जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है।
अभी नहीं हुई सुनवाई
फिलहाल झारखंड उच्च न्यायालय ने इस याचिका पर सुनवाई नहीं की है। वहीं, याचिका में लगाए गए आरोपों पर राज्य सरकार, जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति और केनरा बैंक की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।






