लखनऊ, 23 सितंबर । बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार के छोटे बेटे ईशान आनंद को पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक नियुक्त किया है। इससे पहले यह जिम्मेदारी आकाश आनंद के पास थी। मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से बाहर कर दिया था।
ईशान आनंद ने बैठक में मौजूद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें राष्ट्रीय संयोजक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी के साथ निभाने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए वह पूरी तरह समर्पित रहेंगे और साथियों को भरोसा दिलाना चाहते हैं कि वह उन्हें निराश नहीं करेंगे। इसके बाद ईशान आनंद ने मायावती के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया।
विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर हुई चर्चा
अगले कुछ महीनों में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इन्हीं चुनावों को लेकर मायावती ने बुधवार को लखनऊ में बसपा की अखिल भारतीय स्तर की विशेष बैठक की।
बैठक में इन राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा की गई। पार्टी की ओर से चुनाव अकेले लड़ने की तैयारियों और उम्मीदवारों के चयन को लेकर पहले दिए गए दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।
मायावती ने कार्यकर्ताओं से चुनौतियों पर ध्यान देने को कहा
बैठक को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि सत्ता की ‘मास्टर चाबी’ हासिल करने के रास्ते में पार्टी के सामने कई चुनौतियां हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता हासिल करने के लिए विरोधी दल साम, दाम, दंड और भेद जैसे हथकंडे अपना रहे हैं।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से सभी प्रकार के मोह, जाल, रिश्ते-नाते और निजी स्वार्थ से मुक्त होकर संगठन के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी को सत्ता में लाने के लक्ष्य के लिए काम करने को कहा।
परिवारवाद को लेकर मायावती ने कही यह बात
बसपा अध्यक्ष ने भारतीय राजनीति में चर्चित परिवारवाद के मुद्दे पर पार्टी की नीति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बसपा इस मामले में शुरू से ही स्पष्ट नीति पर चलती रही है और पार्टी ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर तथा कांशीराम के विचारों के अनुरूप संगठन में सख्त नियम बनाए हैं।
मायावती ने कहा कि उनका कोई निजी परिवार नहीं, बल्कि पूरा बहुजन समाज उनका वृहद परिवार है। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज को शोषित से शासक वर्ग बनाकर अपने पैरों पर खड़ा करना उनका लक्ष्य है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके रिश्ते के भाई-बहन और करीबी रिश्तेदार यदि सहयोग करना चाहते हैं तो बिना किसी निजी स्वार्थ के पार्टी संगठन में रहकर काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह इस सिद्धांत पर स्वयं भी अडिग हैं और यही उनकी प्रतिज्ञा है।
यूपीआई भुगतान व्यवस्था पर भी जताई चिंता
मायावती ने यूपीआई पेमेंट की नई व्यवस्था का भी उल्लेख किया और इसके संभावित दुष्प्रभावों से बचने की बात कही। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और लोगों को डिजिटल भुगतान व्यवस्था से जुड़े जोखिमों को लेकर सतर्क रहने का संदेश दिया।






