नई दिल्ली, 13 जुलाई । दिल्ली सरकार ने ‘महिला समृद्धि योजना’ का नाम बदलकर ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ कर दिया है। इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष तक की पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य योजना को अगले महीने रक्षाबंधन के आसपास शुरू करना है। इसके लिए पात्रता संबंधी मानक भी तय कर दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
योजना के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्य सचिव राजीव वर्मा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध तरीके से पहुंचे तथा इसके क्रियान्वयन में किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा न आने पाए।
योजना की पात्रता के लिए तय किए गए मानक
बैठक में योजना की पात्रता संबंधी मानकों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। तय मानकों के अनुसार—
- लाभ केवल उसी महिला को मिलेगा, जो स्वयं या उसका परिवार कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली का निवासी हो।
- लाभार्थी या उसके परिवार के विरुद्ध कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए।
- परिवार में आयु के आधार पर सबसे बड़ी महिला ही योजना की पात्र होगी।
- एक परिवार से केवल एक महिला को ही योजना का लाभ मिलेगा।
- परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- जो महिला पहले से किसी सरकारी पेंशन या नियमित आर्थिक सहायता योजना का लाभ ले रही है, वह पात्र नहीं होगी।
- जिन परिवारों के पास चार पहियों का वाहन है, उन्हें भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को देश की प्रगति का सबसे प्रभावी माध्यम माना है। उसी सोच को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली सरकार ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने का मजबूत आधार उपलब्ध करा रही है।
पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ लागू होगी योजना
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को योजना के सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि इसका लाभ केवल वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य योजना को पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ लागू करना है।
सरकार का मानना है कि इस योजना से दिल्ली के लाखों परिवारों की महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी, परिवारों की वित्तीय स्थिरता मजबूत होगी और महिला सशक्तीकरण को नई गति मिलेगी।






