भागलपुर, 22 अगस्त । भागलपुर और उत्तर बिहार के बीच आवागमन करने वाले हजारों लोगों के लिए अहम खबर है। इस मार्ग की लाइफलाइन माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन की तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। सेतु की मरम्मत और क्षतिग्रस्त हिस्सों को दुरुस्त करने से पहले चार अस्थायी बेली ब्रिज हटाए जाएंगे। इसके लिए 29 अगस्त से प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।
एक बेली ब्रिज हटाने में लगेंगे 5-6 दिन
अधिकारियों के मुताबिक, एक बेली ब्रिज को सुरक्षित तरीके से हटाने और इससे जुड़ी पूरी प्रक्रिया में करीब पांच से छह दिन लग सकते हैं। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर सेतु पर बैरिकेडिंग की जाएगी। इससे विक्रमशिला सेतु पर यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने की संभावना है।
क्षतिग्रस्त हिस्सों पर बनेंगे स्थायी स्टील ब्रिज
विक्रमशिला सेतु के जिन हिस्सों पर फिलहाल अस्थायी बेली ब्रिज के जरिए यातायात संचालित किया जा रहा है, वहां अब मजबूत और स्थायी स्टील ब्रिज तैयार करने की योजना है।
मुख्य पुनर्स्थापन कार्य शुरू करने से पहले अस्थायी ढांचों को हटाना जरूरी है। बेली ब्रिज हटाए जाने के बाद सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत और स्थायी संरचना तैयार करने का रास्ता साफ होगा।
यातायात व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव
बेली ब्रिज हटाने की प्रक्रिया शुरू होने के साथ सेतु पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की जाएगी। प्रशासन की ओर से सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यातायात प्रबंधन की नई व्यवस्था लागू की जाएगी।
विक्रमशिला सेतु भागलपुर को उत्तर बिहार के कई जिलों से जोड़ता है। ऐसे में पुनर्स्थापन कार्य के दौरान यातायात व्यवस्था में होने वाले बदलाव का सीधा असर रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों और वाहनों पर पड़ सकता है।






