बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला, 13 एजेंडों पर लगी मुहर; सिंचाई, सड़क, सोलर, AI और कृषि क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात

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पटना, 19 अगस्त । मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार देर शाम हुई बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में विकास और जनहित से जुड़े 13 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगी। बैठक में सिंचाई व्यवस्था मजबूत करने, किसानों के लिए निजी नलकूप लगाने, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण, डेयरी क्षेत्र में नस्ल सुधार, भंडारण क्षमता बढ़ाने, सौर ऊर्जा परियोजना और राज्य में एआई इकोसिस्टम विकसित करने समेत कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

कैबिनेट के फैसलों में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया है। वहीं सड़क और परिवहन के क्षेत्र में बक्सर-भागलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को मंजूरी मिलने से राज्य के कई जिलों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी की उम्मीद बढ़ी है।

नरपतगंज में नहरों के पुनर्स्थापन के लिए 30.35 करोड़

कैबिनेट ने अररिया जिले के नरपतगंज अंतर्गत जानकी नगर शाखा नहर और इससे निकलने वाली नहर प्रणालियों के पुनर्स्थापन के लिए 30.35 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। इस परियोजना को दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

नहरों के पुनर्स्थापन से संबंधित क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा बेहतर होने और किसानों को खेती के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

कटिहार में नहर प्रणाली के लिए 35.82 करोड़ की मंजूरी

कटिहार सिंचाई प्रमंडल के तहत कटिहार वितरणी, फूलपुर उपवितरणी, हसनगंज उपवितरणी, बैजनाथपुर उपवितरणी और सेमापुर उपवितरणी समेत संबंधित नहर प्रणालियों के पुनर्स्थापन कार्य को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी।

इस कार्य के लिए करीब 35.82 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं व्यय स्वीकृति दी गई है। परियोजना को दो वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है कि नहर प्रणाली के दुरुस्त होने से कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी।

बक्सर-भागलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को मंजूरी

कैबिनेट बैठक में राज्य के सड़क नेटवर्क के विस्तार की दिशा में भी बड़ा फैसला लिया गया। बक्सर से भागलपुर तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंजूरी दी गई है।

करीब 336 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे अरवल, नालंदा, जहानाबाद, जमुई समेत कई जिलों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग होगा। परियोजना के पूरा होने से इन क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान होने के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

11 हजार निजी नलकूप लगाए जाएंगे

किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 11 हजार निजी नलकूप लगाने का फैसला लिया गया है। इसके लिए कैबिनेट ने 305.60 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है।

सरकार का उद्देश्य हर खेत तक पानी पहुंचाना है। निजी नलकूपों की स्थापना से सिंचाई के लिए किसानों की बारिश और पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

नस्ल सुधार योजना के लिए 63.92 करोड़

डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 63.92 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से ‘नस्ल सुधार योजना’ लागू की जाएगी।

यह योजना कॉमफेड, पटना के माध्यम से संचालित होगी। इसका उद्देश्य राज्य में दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ पशुओं की उत्पादकता में सुधार करना है। बेहतर नस्ल के पशुओं के माध्यम से डेयरी क्षेत्र से जुड़े किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

बिहार में विकसित होगा AI इकोसिस्टम

बिहार सरकार ने तकनीक के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इकोसिस्टम विकसित करने के लिए टायो एआई इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और बिहार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने की स्वीकृति दी गई है।

सरकार के मुताबिक, तकनीक, नवाचार और एआई के इस्तेमाल के जरिए बिहार को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है।

48,200 मीट्रिक टन भंडारण क्षमता बढ़ेगी

कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य में 48,200 मीट्रिक टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता विकसित करने की योजना को भी मंजूरी दी है।

इसके तहत 200, 500 और 1,000 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदामों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 52 चयनित समितियों को 50 प्रतिशत अनुदान और 50 प्रतिशत चक्रीय पूंजी के रूप में कुल 34.95 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

इससे कृषि उत्पादों के सुरक्षित भंडारण की सुविधा बढ़ने और किसानों को फसल के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलने की उम्मीद है।

कजरा सोलर पावर परियोजना को शुल्क में 100 प्रतिशत छूट

लखीसराय की कजरा सोलर पावर परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि के लीज दस्तावेज के निबंधन पर लगने वाले मुद्रांक शुल्क और निबंधन शुल्क में 100 प्रतिशत छूट देने की मंजूरी दी गई है।

यह फैसला राज्य में अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अवर प्रादेशिक नियोजनालय अब कहलाएगा जिला नियोजनालय

कैबिनेट ने अवर प्रादेशिक नियोजनालय का नाम बदलकर जिला नियोजनालय करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इससे रोजगार और नियोजन से जुड़े प्रशासनिक ढांचे में एकरूपता लाने की दिशा में कदम माना जा रहा है।

मधुबनी और दरभंगा में चीनी मिलों से जुड़े किसानों के लिए समिति

मधुबनी के सकरी और दरभंगा के रैयाम चीनी मिलों के लिए अधिसूचित आरक्षित क्षेत्र के गन्ना उत्पादकों और गन्ना उत्पादन के लिए प्रतिबद्ध किसानों को शामिल करने के लिए प्राथमिक चीनी मिल सहकारी समिति के गठन को मंजूरी दी गई है।

इस फैसले से गन्ना उत्पादकों को सहकारी व्यवस्था से जोड़ने और चीनी मिलों से संबंधित गतिविधियों को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

सोशल मीडिया और ऑनलाइन मीडिया नियमों में संशोधन

राज्य सरकार ने जनहित की योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार को अधिक प्रभावी बनाने के लिए बिहार सोशल मीडिया एवं ऑनलाइन मीडिया संशोधन नियमावली, 2026 में आवश्यक संशोधन को भी मंजूरी दी है।

इसके जरिए सोशल मीडिया, वेब पोर्टल और ऑनलाइन मीडिया के माध्यम से सरकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी आम लोगों तक अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

कुल मिलाकर कैबिनेट के फैसलों में कृषि, सिंचाई, सड़क, ऊर्जा, पशुपालन, भंडारण, तकनीक और रोजगार जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस दिखाई दिया। सरकार के इन निर्णयों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ राज्य में बुनियादी ढांचे और तकनीकी विकास को गति देने की उम्मीद है।

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