बिहार के चौसा थर्मल पॉवर प्लांट पर काम ठप, चार महीने से वेतन भुगतान में विलंब

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बक्सर। बिहार में बक्सर जिले के चौसा में निर्माणाधीन 1320 मेगावाट थर्मल पावर परियोजना में कार्यरत मजदूरों ने वेतन भुगतान नहीं होने के विरोध में शांतिपूर्ण तरीके से कार्य का बहिष्कार सोमवार को कर दिया।

एसटीपीएल की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी के अधीन काम कर रहे ठेकेदार पावर मेक द्वारा मजदूरों को लगातार वेतन भुगतान का आश्वासन दिया जा रहा था, लेकिन चार महीने बीत जाने के बावजूद बकाया राशि का भुगतान नहीं हो सका है।

मजदूरों के अनुसार, 25 दिसंबर को प्रबंधन की ओर से यह भरोसा दिलाया गया था कि 10 जनवरी तक हर हाल में सभी लंबित वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी मजदूरों के खातों में वेतन नहीं पहुंचा, जिससे उनमें भारी नाराजगी फैल गई। इसके बाद मजदूरों ने सामूहिक रूप से काम बंद करने का निर्णय लिया। यह कार्य बहिष्कार पूरी तरह शांतिपूर्ण है और मजदूर अपने आवासीय कॉलोनियों में रहकर विरोध दर्ज करा रहे हैं।

इस आंदोलन को विद्युत मजदूर कांग्रेस (इंटक) का समर्थन प्राप्त है। संगठन के अध्यक्ष अमरनाथ पाण्डेय उर्फ पप्पु पाण्डेय ने कहा कि मजदूरों की मांग पूरी तरह जायज है और लंबे समय से वेतन नहीं मिलना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने प्रशासन से मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और शीघ्र वेतन भुगतान कराने की मांग की है।

मजदूर नेता रामप्रवेश सिंह ने आरोप लगाया कि मजदूरों को न तो निर्धारित बोर्ड रेट के अनुसार मजदूरी मिलती है और न ही समय पर भुगतान किया जाता है। चार महीने से वेतन रुके रहने के कारण मजदूरों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों, परिवार के भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई तक का संकट खड़ा हो गया है।

उल्लेखनीय है कि चौसा थर्मल पावर परियोजना की एक यूनिट (660 मेगावाट) का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि दूसरी यूनिट का कार्य प्रगति पर है। पावर मेक के अधीन इस परियोजना में एक हजार से अधिक मजदूर कार्यरत हैं।

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