अररिया। जिले में चल रहे नर्सिंग होम,अल्ट्रासाउंड सेंटर और पैथोलॉजी सेंटर के जांच को लेकर डीएम के निर्देश पर कार्रवाई लगातार जारी है।डीएम विनोद दूहन ने मानकों का बिना पालन किए चल रहे नर्सिंग होम,अल्ट्रासाउंड सेंटर और पैथोलॉजी सेंटर पर कार्रवाई को लेकर दो धावा दल का गठन किया है।
इसी क्रम में फारबिसगंज रेफरल रोड स्थित बचपन नियो एंड चाइल्ड हॉस्पिटल में धावा दल गुरुवार को जांच के लिए पहुंची।जहां अस्पताल प्रबंधन और धावा दल के सदस्यों के बीच आरोप प्रत्यारोप के बीच मारपीट और धावा दल के सदस्यों को एक कमरे में बंधक बना लिया गया।जिसकी सूचना के बाद फारबिसगंज एसडीएम अभय कुमार तिवारी,अनुमंडल निर्वाचन पदाधिकारी अविनाश कृष्ण और थानाध्यक्ष राघवेंद्र कुमार सिंह भारी संख्या में पुलिस बलों के साथ मौके पर पहुंच कर कमरे को खुलवाकर बंधक बने धावा दल के सदस्यों को बाहर निकलवाया।
धावा दल के सदस्यों में वरीय उप समाहर्ता एवं उप निर्वाचन पदाधिकारी डॉ रामबाबू,नरपतगंज के पीएचसी प्रभारी डॉ दीपक कुमार सिंह,फारबिसगंज पीएचसी प्रभारी डॉ राजीव बसाक,अंचलाधिकारी पंकज कुमार,सब इंस्पेक्टर संजीव कुमार और पुलिस बल के जवान शामिल थे।
अस्पताल प्रबंधन ने करीबन आधे घंटे तक धावा दल के सदस्यों को कमरे में बंधक बनाए रखा।दोनों ओर से एक दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया गया है।बचपन नियो एंड चाइल्ड हॉस्पिटल के संचालक एवं कुर्साकांटा निवासी डॉ दीपक कुमार सुपौल जिला के निर्मली अनुमंडल अस्पताल में चीफ मेडिकल ऑफिसर के पद पर तैनात है।उन्होंने धावा दल के सदस्यों के द्वारा दुर्व्यवहार करने और फिजिकल अटैक के लिए पहल करने की बात कही।उन्होंने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में सारी घटना के कैद होने की बात कही।हालांकि उन्होंने खुद और उनके कर्मचारियों के द्वारा बचाव में फिजिकल होने की बात स्वीकार की।
सूचना के बाद निजी अस्पताल से थाना पहुंचे धावा दल के सदस्यों के पहुंचने पर सिविल सर्जन डॉ के.के.कश्यप मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली।उन्होंने मामले में जांच कर कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने बताया कि डीएम के निर्देश पर धावा दल का गठन किया गया है,जो जिले में संचालित निजी अस्पताल की जांच के लिए है।तय मानकों का पालन अस्पताल,पैथोलॉजी सेंटर,अल्ट्रासाउंड सेंटर प्रबंधन के द्वारा किया जा रहा है या नहीं, के साथ अग्निशमन,वेस्टेज लाइसेंस और अस्पताल के रजिस्ट्रेशन और चिकित्सक की डिग्री समेत अन्य कागजातों की जांच कर रही है।





