रातों-रात जमीन फटी, कई घर जमींदोज; बाल-बाल बचे लोग, प्रशासन पर उठे सवाल
कुंदन विश्वकर्मा
धनबाद: कोयलांचल के Sonardih इलाके में एक बार फिर भू-धंसान ने तबाही मचा दी। बीती देर रात अचानक हुई इस घटना में आधी बस्ती करीब 10 फीट नीचे धंस गई, जिससे कई घर पूरी तरह जमींदोज हो गए। इस हादसे में पूर्व प्रमुख मीनाक्षी रानी गुड़िया का घर भी पूरी तरह नष्ट हो गया।
रात के सन्नाटे में दहशत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आधी रात को अचानक तेज गर्जना हुई और जमीन फटने लगी। लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही सड़कें और मकान धंसने लगे। अफरा-तफरी के बीच लोग बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे।
सुबह जब लोग वापस लौटे, तो इलाके में गहरी दरारें, धंसी सड़कें और मलबे का ढेर दिखाई दिया।
बाल-बाल टला बड़ा हादसा
गनीमत यह रही कि समय रहते अधिकांश लोग घरों से बाहर निकल गए, जिससे किसी बड़े जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि कई परिवार बेघर हो गए हैं और खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
प्रशासन और कंपनी पर आरोप
घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि Bharat Coking Coal Limited (बीसीसीएल) और प्रशासन को पहले से भू-धंसान की आशंका की जानकारी थी, लेकिन सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं किए गए।
क्या हैं लोगों की मांगें?
प्रभावित ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन के सामने कई मांगें रखी हैं—
- पूरे इलाके का वैज्ञानिक सर्वे कराया जाए
- प्रभावित परिवारों का जल्द पुनर्वास हो
- सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाए
- उचित मुआवजा दिया जाए
- क्षेत्र को ‘डेंजर जोन’ घोषित कर घेराबंदी की जाए






