Ranchi: रांची में कांग्रेस पार्टी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव कमलेश ने कहा कि 30 जून से 29 जुलाई तक चलने वाले SIR अभियान का कांग्रेस स्वागत करती है, लेकिन यह सुनिश्चित होना चाहिए कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से बाहर न हो और गलत तरीके से किसी का नाम जोड़ा न जाए।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को अपडेट करना जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर लोकतंत्र से खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बंगाल और बिहार का उदाहरण देकर जताई चिंता
केशव कमलेश ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए थे। उन्होंने फरक्का के विधायक का उदाहरण देते हुए कहा कि उनका नाम भी SIR के दौरान हटाया गया था, जिसके बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़नी पड़ी और बाद में वे विधायक बने। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी सतर्कता के साथ इस प्रक्रिया पर नजर रखे हुए है।
बीएलए की तैयारी तेज, SIR प्रक्रिया पर रखेंगे नजर
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि राज्य में 29 हजार बीएलए बनाए जाने थे, जिनमें से अब तक 21 हजार बीएलए तैयार किए जा चुके हैं। कांग्रेस ने अकेले 17 हजार से अधिक बीएलए बनाकर उन्हें प्रशिक्षण भी दिया है। उन्होंने दावा किया कि लगभग 70 लाख युवा मतदाताओं की अब तक ठीक से मैपिंग नहीं हुई है, लेकिन पार्टी के बीएलए लगातार सक्रिय हैं।
“6 करोड़ वोटर डिलीट हुए, 4 करोड़ और हटाने की तैयारी”
केशव कमलेश ने आरोप लगाया कि दो चरणों में देशभर में करीब 6 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जा चुके हैं और अब 4 करोड़ और नाम हटाने की आशंका है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग SIR के माध्यम से मतदाताओं की “चोरी” करा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि झारखंड में कांग्रेस चुनाव आयोग की कथित मंशा को सफल नहीं होने देगी।
पेट्रोल-डीजल कीमतों पर केंद्र सरकार पर हमला
चुनाव खत्म होते ही बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम : प्रदीप यादव
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, लेकिन जनता का ध्यान भटकाने के लिए “नौटंकी” की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मात्र पांच दिनों के भीतर दो बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए। उन्होंने सवाल किया कि अगर सरकार में हिम्मत थी तो पांच राज्यों के चुनाव के दौरान कीमतें क्यों नहीं बढ़ाई गईं।
“महंगाई छुपाने के लिए ध्यान भटकाया जा रहा”
प्रदीप यादव ने कहा कि सरकार महंगाई को जायज ठहराने के लिए नए-नए मुद्दे खड़े कर रही है और जनता का ध्यान असली मुद्दों से हटाने की कोशिश कर रही है।
NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
प्रदीप यादव ने कहा कि देश का नौजवान निराश और हताश है। उन्होंने आरोप लगाया कि NEET परीक्षा का पेपर 2024 में भी लीक हुआ था और अब फिर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन जांच कमेटियां बनने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा नियंत्रित करने वाले लोगों को ही महत्वपूर्ण पदों पर बैठाया जा रहा है। साथ ही कहा कि आरएसएस विचारधारा से जुड़े लोगों को बड़े पदों पर नियुक्त किया जा रहा है, जिनकी संलिप्तता लगातार सामने आ रही है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए, लेकिन सरकार उनकी पीठ थपथपाने में लगी हुई है।
जाति आधारित जनगणना की मांग दोहराई
प्रदीप यादव ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से जाति आधारित जनगणना की मांग करती रही है ताकि देश के विकास में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि जब “मकान की कोई जाति नहीं होती” तो फॉर्म में मकान मालिक की जाति से जुड़ा कॉलम क्यों रखा गया है।
“झारखंड में बिहार-बंगाल जैसा खेल नहीं होने देंगे”
प्रदीप यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने SIR को लेकर पूरी तैयारी कर ली है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एक भी वैध मतदाता का नाम सूची से बाहर न हो। उन्होंने कहा कि झारखंड में बिहार और बंगाल जैसा “तमाशा” नहीं होने दिया जाएगा।






