दिल्ली कैबिनेट के बड़े फैसले, प्रदूषण पर कड़ा प्रहार, राजधानी में अब DTC की बसें, GRAP हटने के बाद भी ‘नो PUC–नो फ्यूल’ नियम रहेगा लागू

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नई दिल्ली: दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर काबू पाने के लिए मंगलवार को हुई दिल्ली सरकार की कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक के बाद पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि सरकार ने ऐसे ठोस कदम उठाए हैं, जिनका असर आने वाले समय में साफ तौर पर दिखाई देगा।

पर्यावरण मंत्री ने कहा कि राजधानी में चरणबद्ध तरीके से निजी व्यवस्था (DEMS) के तहत चलने वाली बसों को हटाकर 100 प्रतिशत DTC बसों का संचालन किया जाएगा। इससे न सिर्फ सार्वजनिक परिवहन मजबूत होगा, बल्कि ड्राइवरों और कंडक्टरों को भी स्थायी रोजगार मिलेगा।

GRAP हटने के बाद भी ‘नो PUC–नो फ्यूल’

कैबिनेट ने यह भी फैसला लिया कि GRAP-4 हटने के बावजूद दिल्ली में ‘नो PUC–नो फ्यूल’ नियम लागू रहेगा। यानी बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) के किसी भी वाहन को ईंधन नहीं दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह फैसला वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर प्रभावी रोक लगाएगा।

12 PUC सेंटर ब्लैकलिस्ट

पर्यावरण मंत्री ने जानकारी दी कि जांच के दौरान 12 PUC सेंटर ऐसे पाए गए, जो तय मापदंडों का पालन नहीं कर रहे थे। इन सभी को नोटिस जारी कर ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। उनकी जगह नए और मानक अनुरूप PUC सेंटर स्थापित किए जाएंगे। सिरसा ने साफ कहा कि इस व्यवस्था में किसी भी तरह की गड़बड़ी अपराध मानी जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

दिल्ली का पहला ई-वेस्ट पार्क

कैबिनेट बैठक में होंडाबी कला में दिल्ली का पहला ई-वेस्ट पार्क स्थापित करने के लिए टेंडर जारी करने को मंजूरी दी गई। यह प्लांट 100 प्रतिशत पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप होगा, जहां न तो जल प्रदूषण होगा और न ही वायु प्रदूषण। यह जीरो वेस्टेज मॉडल पर आधारित होगा और राजधानी में ई-वेस्ट प्रबंधन की बड़ी समस्या का समाधान करेगा।

जलाशयों के कायाकल्प पर जोर

सरकार ने दिल्ली में मौजूद 1000 से अधिक जलाशयों को पुनर्जीवित करने की दिशा में भी बड़ा फैसला लिया है। इनमें से करीब 150 जलाशय दिल्ली सरकार और एमसीडी के अधीन हैं। पहले इस काम के लिए डीपीसीसी ने 19 करोड़ रुपये दिए थे, अब मुख्यमंत्री ने इसे बढ़ाकर 100 करोड़ रुपये कर दिया है। सरकार का मानना है कि जलाशयों के पुनर्जीवन से पर्यावरण संतुलन बेहतर होगा और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी।

प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्ती

मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि अब तक डीपीसीसी ने 411 और एमसीडी ने करीब 400 प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों को सील किया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने चार नए ऑटोमैटिक व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन को भी हरी झंडी दे दी है।
हाई-राइज इमारतों के आसपास डस्ट मिटिगेशन के लिए ‘MIST’ सिस्टम को लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है, जिसे प्रदूषण नियंत्रण का प्रभावी उपाय माना जा रहा है।

पर्यावरण मंत्री ने कहा कि मौसम के और खराब होने की आशंका को देखते हुए सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर और कड़े कदम उठाए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य साफ है—दिल्ली की हवा को स्वच्छ बनाना और नागरिकों को प्रदूषण से राहत दिलाना।

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