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दांडी मार्च की वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति समेत कई नेताओं ने स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया

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नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत कई नेताओं ने गुरुवार को दांडी मार्च की 96वीं वर्षगांठ पर महात्मा गांधी और स्वतंत्रता सेनानियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इन्होंने औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर भारत की आजादी की नींव मजबूत की थी।

उप राष्ट्रपति ने एक्स पर कहा, “मैं बापू और इस ऐतिहासिक मार्च में भाग लेने वाले सभी वीर स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करता हूं। जैसे-जैसे हम आत्मनिर्भर भारत का निर्माण कर रहे हैं और विकसित भारत के सपने की ओर अग्रसर हो रहे हैं इस सत्याग्रह से प्रेरित आत्मनिर्भरता की भावना हमारे राष्ट्र के मार्ग का मार्गदर्शन करती रहेगी।”

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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सन् 1930 में आज ही के दिन दांडी मार्च की शुरुआत हुई थी। इसमें शामिल सभी विभूतियों का श्रद्धापूर्वक स्मरण!

ओम बिरला ने कहा कि इस साहसिक पदयात्रा ने पूरे देश में स्वतंत्रता की आकांक्षा को नई ऊर्जा दी और करोड़ों भारतीयों को अन्यायपूर्ण औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध एकजुट कर दिया। यह प्रेरणादायी यात्रा सदैव हमारे राष्ट्रीय गौरव और स्वाधीनता के संघर्ष की अमिट स्मृति बनी रहेगी।

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गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि यह स्वदेशी की दिशा में उठाया गया ऐसा कदम था जिसने स्वाधीनता आंदोलन की दिशा बदल दी।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 1930 में आज ही के दिन अंग्रेजों के अत्याचारी नमक कानून के विरोध में साबरमती आश्रम से ऐतिहासिक दांडी नमक सत्याग्रह की शुरुआत की थी जिसने भारतीय स्वाधीनता संग्राम को नई दिशा दी।

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि बापू के बताए सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक और प्रेरणादायी हैं। इस पावन अवसर पर हम सभी स्वतंत्रता सेनानियों के अद्वितीय योगदान और उनके महान बलिदान को विनम्र श्रद्धा के साथ नमन करते हैं।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस साहसिक कार्य ने हजारों लोगों को प्रेरित किया और उत्पीड़कों के विरुद्ध सबसे सशक्त आंदोलनों में से एक के रूप में इसे हमेशा याद रखा जाएगा।

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि यह दिन उस साहस, दृढ़ संकल्प और सामूहिक दृढ़ता की याद दिलाता है जिसने भारत के स्वतंत्रता पथ को आकार दिया।

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