झारखंड में भ्रष्टाचार को लेकर रोज हो रहे नए खुलासे, जयराम महतो बोले- परीक्षा और व्यवस्था भी कटघरे में

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पलामू, 06 अक्टूबर। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के केंद्रीय अध्यक्ष और डुमरी विधायक जयराम महतो मंगलवार को पलामू दौरे पर पहुंचे। इस दौरान जिले के विभिन्न स्थानों पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका स्वागत किया। मेदिनीनगर में उन्होंने जेएलकेएम के पलामू प्रमंडलीय कार्यालय का उद्घाटन किया।

उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बातचीत में जयराम महतो ने राज्य की भ्रष्टाचार, परीक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कामकाज को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में लगातार नये खुलासे सामने आ रहे हैं और इससे व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

‘भ्रष्टाचार के लगातार मामले सामने आ रहे’

जयराम महतो ने आरोप लगाया कि राज्य में नेताओं और अधिकारियों में धन अर्जित करने की लालसा बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के लगातार मामले सामने आने से राज्य की परीक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था सवालों के घेरे में आ रही है।

उन्होंने जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खेयांगते समेत भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे मामलों से राज्य की व्यवस्था और संस्थाओं की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।

जयराम महतो ने कहा कि हर दिन नये-नये खुलासे सामने आ रहे हैं और भ्रष्टाचार की इस स्थिति का असर राज्य के समग्र विकास पर पड़ रहा है। उनके ये आरोप राजनीतिक बयान के तौर पर सामने आए हैं।

‘जरूरत भर धन अर्जित करना ही पर्याप्त’

जेएलकेएम अध्यक्ष ने कहा कि व्यक्ति को अपनी जरूरत के मुताबिक धन अर्जित करने तक सीमित रहना चाहिए, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि ब्यूरोक्रेट और नेता नियम-कायदों को दरकिनार कर धन अर्जित करने में जुटे हैं।

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की वजह से केवल प्रशासनिक व्यवस्था ही प्रभावित नहीं होती, बल्कि इससे लोकतांत्रिक मूल्यों और मर्यादाओं पर भी गहरा आघात पहुंचता है।

भाषा विवाद पर भी रखी अपनी बात

जयराम महतो ने झारखंड में चल रहे भाषा विवाद पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि राज्य में भाषा के चयन को लेकर स्थानीय स्तर पर सर्वे कराया जाना चाहिए।

उन्होंने सुझाव दिया कि भाषामित्रों के नेतृत्व में टीम गठित कर गांव-गांव सर्वेक्षण कराया जाए और यह पता लगाया जाए कि संबंधित क्षेत्र के ग्रामीण सामान्य तौर पर किस भाषा में बातचीत करते हैं।

उनके अनुसार, इसी सर्वे के आधार पर प्रखंड स्तर पर भाषा का चयन किया जाना चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों की भाषाई जरूरतों को ध्यान में रखा जा सके।

‘एक कोस में पानी और वाणी बदल जाती है’

जयराम महतो ने कहा कि पलामू झारखंड का बड़ा जिला है और यहां 21 प्रखंड हैं। ऐसे में पूरे जिले के लिए एक ही भाषा को लागू करने के बजाय स्थानीय स्तर पर भाषाई विविधता को ध्यान में रखना जरूरी है।

उन्होंने कहा, ‘एक कोस में पानी और वाणी बदल जाती है।’ उनके अनुसार, किसी एक जिले में बोली जाने वाली भाषा को दूसरे जिले के लोगों पर थोपना तर्कसंगत नहीं है।

उन्होंने कहा कि भाषा का चयन स्थानीय जनसंख्या और उनकी बोलचाल को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। इससे भाषा को लेकर होने वाले विवादों को कम करने में मदद मिल सकती है।

प्रमंडलीय कार्यालय का किया उद्घाटन

पलामू दौरे के दौरान जयराम महतो ने मेदिनीनगर में जेएलकेएम के पलामू प्रमंडलीय कार्यालय का उद्घाटन किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस मौके पर उनका स्वागत किया।

कार्यक्रम में जेएलकेएम जिलाध्यक्ष दिलीप मेहता, आयशा सिंह, नीतीश तिवारी सहित पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

जयराम महतो का यह दौरा संगठनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ राज्य की भ्रष्टाचार और भाषा नीति जैसे मुद्दों पर पार्टी की राजनीतिक स्थिति सामने रखने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा।

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