–ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी
रांची, 06 अक्टूबर। झारखंड में दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस ने व्यापक सुरक्षा तैयारियां शुरू कर दी हैं। राज्यभर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए छह हजार से अधिक पुलिस जवान और करीब पांच हजार होमगार्ड की तैनाती की जाएगी। वहीं, 1000 से अधिक स्पेशल ब्रांच के अधिकारी सादे लिबास में संवेदनशील और वीआईपी मूवमेंट वाले इलाकों में तैनात रहेंगे।
पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को त्योहार के दौरान जवानों की छुट्टियां रद्द करने का निर्देश दिया है। पुलिसकर्मी अपने निर्धारित ड्यूटी प्वाइंट पर तैनात रहकर पूजा पंडालों, प्रमुख बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।
छह कंपनी सीआरपीएफ समेत आठ कंपनी अतिरिक्त केंद्रीय बल की मांग
महानिरीक्षक (आईजी) अभियान सह पुलिस प्रवक्ता नरेंद्र सिंह ने मंगलवार को बताया कि दुर्गा पूजा के दौरान राज्य में अतिरिक्त केंद्रीय बलों की तैनाती के लिए गृह मंत्रालय से अनुरोध किया गया है।
पुलिस मुख्यालय ने छह कंपनी सीआरपीएफ समेत कुल आठ कंपनी अतिरिक्त केंद्रीय बल उपलब्ध कराने की मांग की है। संवेदनशील और अत्यधिक भीड़ वाले इलाकों में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की तैनाती पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
रांची, जमशेदपुर, धनबाद, हजारीबाग, बोकारो और पलामू समेत राज्य के प्रमुख शहरों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया जाएगा।
वीआईपी इलाकों में सादे लिबास में रहेंगे 1000 से ज्यादा अधिकारी
दुर्गा पूजा के दौरान मुख्यमंत्री, राज्यपाल, न्यायिक अधिकारियों और अन्य वीआईपी के पूजा पंडालों में पहुंचने की संभावना को देखते हुए 1000 से अधिक स्पेशल ब्रांच के अधिकारी सादे लिबास में तैनात किए जाएंगे।
ये अधिकारी भीड़ के बीच रहकर संदिग्ध गतिविधियों और संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखेंगे। इसके अलावा वीआईपी के आवागमन वाले मार्गों और आसपास के पूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा।
पुलिस का उद्देश्य वीआईपी मूवमेंट के दौरान आम श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित किए बिना सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना है।
पंडालों में सीसीटीवी, संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से निगरानी
पुलिस इस बार जमीन के साथ आसमान से भी निगरानी करेगी। प्रमुख और संवेदनशील पूजा पंडालों में 10 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी है।
इन कैमरों के जरिए पंडाल के अंदर और बाहर की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। वहीं, संवेदनशील क्षेत्रों और प्रमुख पूजा पंडालों के आसपास ड्रोन के जरिए निगरानी की जाएगी।
ड्रोन से भीड़ की स्थिति, आवागमन के रास्तों और संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित इलाके में तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल भेजने की व्यवस्था भी रहेगी।
लाइसेंसी और गैर-लाइसेंसी पंडालों की बनेगी सूची
पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी को अपने-अपने क्षेत्रों में लाइसेंसी और गैर-लाइसेंसी पूजा पंडालों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है।
सूची तैयार होने के बाद प्रत्येक पंडाल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। पंडालों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश और निकास द्वार की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पुलिस यह भी सुनिश्चित करेगी कि पंडालों में अत्यधिक भीड़ की स्थिति में लोगों की आवाजाही सुचारू बनी रहे और आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस
दुर्गा पूजा के दौरान महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रमुख पूजा पंडालों में महिलाओं के लिए अलग प्रवेश द्वार बनाने की व्यवस्था की जा रही है।
इसके अलावा प्रमुख पंडालों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। सादे लिबास में भी पुलिसकर्मी और स्पेशल ब्रांच के अधिकारी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
दमकल और एंबुलेंस भी रहेंगी तैनात
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रमुख पूजा स्थलों के आसपास दमकल की गाड़ियां तैनात रखने की तैयारी है। आग लगने जैसी स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सकेगा।
वहीं, मेडिकल इमरजेंसी को देखते हुए सरकारी और निजी अस्पतालों के साथ समन्वय किया जा रहा है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में एंबुलेंस भी उपलब्ध रखी जाएगी, ताकि किसी दुर्घटना या अचानक तबीयत बिगड़ने की स्थिति में लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जा सके।
24 घंटे सक्रिय रहेगा पुलिस कंट्रोल रूम
दुर्गा पूजा के दौरान पुलिस का कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहेगा। आम लोगों को संदिग्ध गतिविधि, विवाद, अफवाह या किसी अन्य सुरक्षा संबंधी समस्या की सूचना देने के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा।
कंट्रोल रूम से फील्ड में तैनात पुलिस अधिकारियों और जवानों के साथ लगातार समन्वय रखा जाएगा। किसी इलाके से सूचना मिलने पर वहां तत्काल पुलिस बल भेजने की व्यवस्था रहेगी।
शांति समितियों को किया जाएगा सक्रिय
त्योहार के दौरान सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए शांति समितियों को भी सक्रिय किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार नागरिकों, बुद्धिजीवियों और सामाजिक रूप से सक्रिय लोगों को समितियों में शामिल किया जाएगा।
पुलिस संवेदनशील इलाकों, पुराने विवादों और संभावित कानून-व्यवस्था की समस्याओं की पहले से समीक्षा करेगी। उद्देश्य यह है कि किसी विवाद के बढ़ने से पहले ही उसे स्थानीय स्तर पर नियंत्रित किया जा सके।
पुराने विवादों और उपद्रवी तत्वों पर भी नजर
पुलिस उन इलाकों और पुराने मामलों की भी समीक्षा करेगी, जहां पहले त्योहारों के दौरान विवाद, हिंसा या कानून-व्यवस्था की समस्या सामने आ चुकी है।
ऐसे मामलों में शामिल रहे उपद्रवी तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा लंबित गिरफ्तारी वारंट और कुर्की के आदेशों की भी समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया है।
सुरक्षित और शांतिपूर्ण पूजा पर पुलिस का फोकस
झारखंड पुलिस की तैयारियों का मुख्य उद्देश्य दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पूजा पंडालों में पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर समन्वय बढ़ाया जा रहा है।
पुलिस बल, होमगार्ड, केंद्रीय बल, स्पेशल ब्रांच, सीसीटीवी और ड्रोन निगरानी के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी है, ताकि दुर्गा पूजा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।






