पूर्वी सिंहभूम, 17 जुलाई। शुक्रवार को करीब दो घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने जमशेदपुर शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) के अंतर्गत आने वाले कई इलाकों में नालियां उफान पर आ गईं, जिससे गंदा पानी घरों में घुस गया।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा जलभराव
सबसे अधिक प्रभावित जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के पटेल नगर, टीचर्स कॉलोनी, गंगो कॉम्प्लेक्स, नीति बाग और आसपास के इलाके रहे। यहां 200 से अधिक घरों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
घरों में घुसा पानी, सामान हुआ खराब
बारिश के कारण कई घरों के कमरे तालाब में तब्दील हो गए। घरों में रखा फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, राशन, कपड़े और अन्य घरेलू सामान पानी में भीगकर खराब हो गए। कई परिवारों को घंटों तक मोटर और बाल्टियों की मदद से पानी निकालना पड़ा।
आवागमन बाधित, लोगों को हुई परेशानी
सड़कों और गलियों में पानी भर जाने से लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

नगर प्रशासन पर फूटा लोगों का गुस्सा
स्थानीय लोगों ने नगर प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि हर साल मानसून में ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। नालों की समय पर सफाई नहीं होने और जल निकासी व्यवस्था की अनदेखी को इसका मुख्य कारण बताया गया।
विधायक ने उपायुक्त से की मुलाकात
मामले की गंभीरता को देखते हुए जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने उपायुक्त से मुलाकात कर स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान, नालों की तत्काल सफाई और प्रभावित परिवारों को राहत देने की मांग की।
मुआवजे और स्थायी समाधान की मांग
प्रभावित लोगों ने जिला प्रशासन और जेएनएसी से जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने, नालों की नियमित सफाई कराने और नुकसान झेलने वाले परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो नगर निगम और संबंधित विभाग के खिलाफ व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।






