नई दिल्ली, 18 सितंबर । 99वें एकेडमी अवॉर्ड्स यानी ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि का ऐलान कर दिया गया है। फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने देशभर से भेजी गई 33 फिल्मों में से मराठी मनोवैज्ञानिक थ्रिलर ‘गोंधल’ को सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी के लिए चुना है। संतोष डावखर के निर्देशन में बनी इस फिल्म को वर्ष 2025 में गोवा में आयोजित भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का सिल्वर पीकॉक पुरस्कार भी मिल चुका है।
लोक परंपरा और अपराध की कहानी
ग्रामीण महाराष्ट्र की पृष्ठभूमि पर बनी ‘गोंधल’ की कहानी सदियों पुरानी लोक परंपरा और आधी रात में किए जाने वाले एक अनुष्ठान के इर्द-गिर्द बुनी गई है। फिल्म में इशिता देशमुख ने सुमन का किरदार निभाया है। शादी के बाद भी सुमन का अतीत उसका पीछा नहीं छोड़ता और इस परिस्थिति से निकलने के लिए वह एक खतरनाक योजना तैयार करती है।
फिल्म संस्कृति और परंपरा की आड़ में छिपे लालच, धोखे और अपराध को मनोवैज्ञानिक थ्रिलर के अंदाज में सामने लाती है।
सीमित बजट में बनी फिल्म
कम बजट और सीमित संसाधनों में तैयार ‘गोंधल’ 14 नवंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। समीक्षकों से सराहना मिलने के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी। फिल्म ने नौ दिनों में करीब 49 लाख रुपये का कारोबार किया।
फिल्म के संगीत और बैकग्राउंड स्कोर को विशेष रूप से सराहा गया है। इसका संगीत दिग्गज संगीतकार इलैयाराजा ने तैयार किया है। फिल्म में किशोर कदम, इशिता देशमुख और योगेश सोहोनी प्रमुख भूमिकाओं में हैं।
ऑस्कर चयन के बाद फिर चर्चा में आई ‘गोंधल’
भारत की आधिकारिक प्रविष्टि चुने जाने के बाद ‘गोंधल’ एक बार फिर चर्चा में आ गई है। खास बात यह है कि फिल्म फिलहाल किसी डिजिटल मंच पर उपलब्ध नहीं है। ऐसे में ऑस्कर के लिए चयन के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ने की संभावना है।
मराठी सिनेमा की चौथी आधिकारिक प्रविष्टि
‘गोंधल’ का चयन मराठी सिनेमा के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऑस्कर के इतिहास में यह भारत की आधिकारिक प्रविष्टि बनने वाली मराठी सिनेमा की चौथी फिल्म है।
इससे पहले ‘श्वास’ (2005), ‘हरिशचंद्राची फैक्ट्री’ (2009) और ‘कोर्ट’ (2015) को भारत की ओर से ऑस्कर के लिए आधिकारिक प्रविष्टि के तौर पर चुना जा चुका है।






