गुवाहाटी, 06 अगस्त: असम में बाढ़ की स्थिति एक बार फिर गंभीर होती जा रही है। राज्य के 14 जिलों में बाढ़ का असर फैल चुका है और 1.60 लाख से अधिक लोग इससे प्रभावित हैं। इस बीच विभिन्न जिलों से पांच और शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 94 हो गई है।
कई जिलों में बाढ़ का व्यापक असर
बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट शामिल हैं। हालांकि कुछ नदियों का जलस्तर घटा है, लेकिन कई इलाकों में अब भी पानी और कीचड़ घरों व सड़कों पर जमा है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, धनसिरि नदी (नुमलीगढ़ क्षेत्र) अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
563 गांव और हजारों हेक्टेयर फसल प्रभावित
राज्य के 14 जिलों के 38 राजस्व मंडलों के कुल 563 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। लगभग 1,60,653 लोग अब भी बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि 16,951.761 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है।
पांच और शव मिलने से बढ़ी चिंता
बुधवार को शिवसागर जिले में 2, गोलाघाट में 1 और बिश्वनाथ जिले में 2 शव बरामद हुए। इसके साथ ही बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 94 हो गई है।
राहत और बचाव अभियान जारी
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। इस अभियान में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना, अर्धसैनिक बल, वायुसेना, पुलिस, अग्निशमन एवं आपात सेवाएं, स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवक जुटे हुए हैं।
बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान
बाढ़ के कारण कई जगहों पर सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे राहत कार्यों में भी कठिनाई आ रही है।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने किया दौरा
बुधवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के साथ शिवसागर और चराईदेव जिलों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया।
नड्डा ने नगालैंड के बाढ़ प्रभावित मोन जिले का भी दौरा किया। वह 4 अगस्त से असम, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे पर हैं।






