नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के दो LPG टैंकर—पाइन गैस और जग वसंत—जल्द ही Strait of Hormuz से गुजरने की तैयारी में हैं। दोनों जहाज फिलहाल Sharjah के पास मौजूद हैं और शिप-ट्रैकिंग संकेतों के अनुसार आगे बढ़ने की स्थिति में हैं।
शिपिंग पर बड़ा असर
Iran, Israel और United States के बीच जारी संघर्ष ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक पर असर डाला है।
- जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट
- कई जहाज बीच समुद्र में लंगर डाले खड़े
- कुछ समय के लिए तेल टैंकरों की आवाजाही लगभग रुक गई
इस मार्ग से दुनिया की लगभग 20% तेल और गैस सप्लाई गुजरती है, इसलिए इसका रुकना वैश्विक बाजार पर सीधा असर डाल रहा है।
भारत के लिए क्यों अहम?
भारत अपनी LPG जरूरतों का बड़ा हिस्सा मध्य-पूर्व से आयात करता है। ऐसे में:
- सप्लाई में रुकावट से गैस संकट की स्थिति बन सकती है
- हाल के दिनों में LPG की खपत में गिरावट भी देखी गई है
- कई भारतीय जहाज अभी भी इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं
टैंकर मूवमेंट पर नजर
सूत्रों के अनुसार, दोनों भारतीय टैंकर 21 मार्च को आगे बढ़ सकते हैं, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इससे पहले भी कुछ भारतीय जहाजों को सीमित अनुमति देकर इस मार्ग से गुजरने दिया गया था।
वैश्विक असर
- तेल की कीमतों में उछाल
- सप्लाई चेन बाधित
- कई देशों की ऊर्जा सुरक्षा पर खतरा
हालात अभी भी बेहद संवेदनशील हैं और दुनिया भर की नजर इस अहम समुद्री मार्ग पर बनी हुई है।
अगर होर्मुज स्ट्रेट में स्थिति सामान्य नहीं होती, तो इसका असर सिर्फ मध्य-पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर पड़ेगा।





