मिडिल ईस्ट से हिंद महासागर तक तनाव: ईरान ने अमेरिकी ताकत का केंद्र डिएगो गार्सिया पर दागी मिसाइल

Share

तेहरान। ईरान ने हिंद महासागर में मौजूद अमेरिका और ब्रिटेन के साझा सैन्य अड्डा डिएगो गार्सिया पर हमला किया है। ईरान ने डिएगो गार्सिया बेस पर मध्यम दूरी की दो मिसाइलें दागी। हालांकि ये मिसाइलें अमेरिकी सैन्य अड्डे को भेद पाने में नाकाम रहीं और बेस को कोई नुकसान नहीं पहुंचने का दावा किया गया है।

ईरान इंटरनेशनल ने वॉल स्ट्रीट जर्नल के हवाले से शुक्रवार को बताया कि ईरान ने हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जिसमें एक मिसाइल उड़ान के दौरान विफल रही और दूसरी को अमेरिकी एसएम-3 प्रणाली ने रोक लिया, लेकिन दोनों में से कोई भी अड्डे पर नहीं गिरी।रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि ईरान ने ये मिसाइलें कब दागी थीं।

ईरान की मिसाइलें सैन्य अड्डे को नुकसान पहुंचाने में नाकाम रहीं लेकिन इस हमले ने ईरान की मिसाइल क्षमता को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। ईरान से डिएगो गार्सिया की दूरी लगभग 3,795 से 4,118 किलोमीटर है जो ईरान की अब तक ज्ञात किसी भी मिसाइल क्षमता से ज्यादा दूरी पर है।

हिन्‍द महासागर के बीचों-बीच स्थित डिएगो गार्सिया एक छोटा द्वीप है, लेकिन इसकी रणनीतिक अहमियत बहुत बड़ी है। चागोस द्वीपसमूह का हिस्सा यह द्वीप अफ्रीका, मध्य पूर्व और एशिया के बीच स्थित है। यहां अमेरिका और ब्रिटेन का एक महत्वपूर्ण संयुक्त सैन्य केंद्र है, जिसमें बमवर्षक विमान, नौसैनिक संपत्तियां और अन्य लंबी दूरी की मारक क्षमताएं मौजूद हैं। इसका संचालन मुख्य रूप से अमेरिका की तरफ से किया जाता है और यह अफ्रीका, मध्य पूर्व और एशिया तक फैले विशाल क्षेत्र में उसके हवाई और नौसैनिक अभियानों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र है।

खास बात यह है कि अमेरिका ने इसी द्वीप से खाड़ी और इराक युद्ध को नियंत्रित किया था। अब ईरान युद्ध में भी यह अहम केंद्र बनता जा रहा है।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930