बिहार के गोपालगंज में रिश्वतखोरी का वीडियो वायरल, जगतौली ओपी प्रभारी पर गिरी गाज

Share

गोपालगंज। जिले की पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाले एक गंभीर मामले में बड़ा एक्शन लिया गया है। व्हाट्सऐप कॉल पर रिश्वत मांगने के आरोप में जगतौली ओपी प्रभारी प्रशांत कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी द्वारा की गई इस कार्रवाई ने पूरे महकमे में हड़कंप मचा दिया है और साफ संकेत दिया है कि भ्रष्टाचार पर अब सख्ती तय है।

प्रशांत कुमार पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध रूप से पैसे की मांग करने का आरोप लगा है। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब एक व्हाट्सऐप कॉल का वीडियो सामने आया, जिसमें कथित तौर पर ओपी प्रभारी पैसे की डिमांड करते नजर आ रहे हैं। वीडियो के वायरल होते ही यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया और आम लोगों में नाराजगी भी देखी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी विनय तिवारी ने तत्काल संज्ञान लिया और उपलब्ध साक्ष्यों—वीडियो एवं ऑडियो—की जांच कराई। प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद बिना देर किए प्रशांत कुमार को निलंबित कर दिया गया।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह कृत्य न केवल घोर अनुशासनहीनता है, बल्कि बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली का सीधा उल्लंघन भी माना गया है। निलंबन के साथ ही प्रशांत कुमार का मुख्यालय पुलिस केंद्र निर्धारित किया गया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के वे मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। इसके अलावा, उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया है कि उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एकतरफा विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई से यह साफ संदेश गया है कि वर्दी की गरिमा को ठेस पहुंचाने वालों पर अब कड़ी कार्रवाई तय है।

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930