समृद्ध बिहार की ओर सम्राट सरकार के कदम, एक महीने में लिए गए 7 बड़े फैसले

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पटना : Samrat Choudhary के मुख्यमंत्री पद संभालने के एक महीने पूरे हो गए हैं। 15 अप्रैल को शपथ लेने के बाद उन्होंने “न्याय के साथ विकास” की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए “समृद्ध बिहार” के लक्ष्य की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। सरकार की प्राथमिकताओं में भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति साफ दिखाई दे रही है।

1. 11 सैटेलाइट टाउनशिप की तैयारी

राज्य के 10 जिलों में 11 सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की रूपरेखा तैयार की गई है। इन टाउनशिप में सुनियोजित कॉलोनियां, बाजार, चौड़ी सड़कें और हरियाली की व्यवस्था होगी। सासाराम को भी इस योजना में शामिल करने का प्रस्ताव आया है। सरकार का मानना है कि इससे शहरी दबाव कम होगा और लोगों को बेहतर सुविधाओं वाला जीवन मिलेगा।

2. ‘पुलिस दीदी योजना’ की शुरुआत

महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ‘पुलिस दीदी योजना’ शुरू की गई है। इसके तहत 1500 स्कूटी महिला पुलिसकर्मियों की खरीद का फैसला लिया गया है। स्कूलों और कॉलेजों के बाहर महिला पुलिस की तैनाती होगी, जिससे छेड़खानी और महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

3. ‘सहयोग की त्रिवेणी’ से शिकायतों का समाधान

सरकार ने जनता की शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए सहयोग हेल्पलाइन 1100, सहयोग पोर्टल और पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर शुरू करने का निर्णय लिया है। प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को शिविर लगाए जाएंगे। शिकायतों के निपटारे के लिए 30 दिनों की समयसीमा तय की गई है और देरी होने पर संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है।

4. हर प्रखंड में मॉडल स्कूल

शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने जिला स्कूलों और प्रत्येक प्रखंड के एक उच्च माध्यमिक विद्यालय को मॉडल स्कूल बनाने के लिए 800 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इसके अलावा डिग्री कॉलेज विहीन 208 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज खोलने के लिए 104 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे 9152 नए पद सृजित होंगे।

5. निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक

निजी विद्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए फीस संरचना सार्वजनिक करना अनिवार्य किया गया है। मनमानी फीस वृद्धि और अनावश्यक शुल्क पर रोक लगाने के साथ अभिभावकों को किताबें और यूनिफॉर्म कहीं से भी खरीदने की स्वतंत्रता दी गई है। फीस बकाया होने पर छात्रों को परीक्षा और परिणाम से वंचित नहीं किया जा सकेगा।

6. बिहारी संवेदकों को प्राथमिकता

राज्य सरकार ने बिहार लोक निर्माण संहिता में संशोधन कर 50 करोड़ रुपये तक के सरकारी निर्माण कार्यों में राज्य के संवेदकों को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि इससे स्थानीय लोगों को अधिक रोजगार और अवसर मिलेंगे।

7. ई-निबंधन व्यवस्था लागू

जमीन और संपत्ति रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरी तरह पेपरलेस बनाने के लिए ई-निबंधन सिस्टम लागू किया गया है। इससे पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार कम करने की कोशिश की गई है। साथ ही 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को घर पर रजिस्ट्री की सुविधा देने का भी निर्णय लिया गया है।

इसके अलावा सरकार ने जघन्य अपराधों के मामलों में पुलिस को सख्त कार्रवाई और जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का निर्देश दिया है। हाल के दिनों में कई एनकाउंटर की घटनाएं भी चर्चा में रही हैं।

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