पश्चिमी सिंहभूम, 02 जुलाई — पश्चिमी सिंहभूम जिले के सदर अस्पताल, चाईबासा में परिवार नियोजन सेवाओं के तहत एक नई पहल की गई है। गुरुवार को अस्पताल में पहली बार आधुनिक गर्भनिरोधक इम्प्लांट (इम्प्लानॉन एनएक्सटी) का सफल प्रत्यारोपण किया गया, जिससे जिले की महिलाओं को अब लंबे समय तक प्रभावी गर्भनिरोधक सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी।
डॉ. पौलीना मुंडू की टीम ने किया सफल प्रत्यारोपण
इस प्रक्रिया को सदर अस्पताल की चिकित्सक डॉ. पौलीना मुंडू और उनकी मेडिकल टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार यह तकनीक सुरक्षित, प्रभावी और दीर्घकालिक परिवार नियोजन के आधुनिक विकल्पों में से एक है।
कैसे काम करता है इम्प्लांट?
चिकित्सकों के मुताबिक इस प्रक्रिया में महिला की ऊपरी बांह की त्वचा के नीचे माचिस की तीली के आकार का एक छोटा, लचीला इम्प्लांट लगाया जाता है। यह इम्प्लांट धीरे-धीरे हार्मोन रिलीज करता है, जिससे करीब तीन वर्षों तक गर्भधारण की संभावना काफी कम हो जाती है।
आसान प्रक्रिया, जरूरत पड़ने पर हटाया जा सकता है
यदि महिला भविष्य में संतान की योजना बनाना चाहती है, तो प्रशिक्षित डॉक्टर इस इम्प्लांट को आसानी से निकाल सकते हैं। इम्प्लांट हटाने के बाद महिला सामान्य रूप से गर्भधारण करने में सक्षम रहती है।
ग्रामीण-शहरी महिलाओं के लिए लाभकारी
डॉ. पौलीना मुंडू ने बताया कि यह सुविधा खासतौर पर उन महिलाओं के लिए फायदेमंद है, जो सुरक्षित, सुविधाजनक और लंबे समय तक असर करने वाला गर्भनिरोधक विकल्प चाहती हैं। यह एक छोटी और सुरक्षित प्रक्रिया है, जिसे कम समय में पूरा किया जाता है।
अब जिले में ही मिलेगी मुफ्त सुविधा
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि इस सेवा के शुरू होने के बाद अब महिलाओं को इसके लिए दूसरे शहरों या निजी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यह सुविधा उन्हें सदर अस्पताल, चाईबासा में निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
मेडिकल टीम को मिली सराहना
अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों और अधिकारियों ने इस उपलब्धि पर डॉ. पौलीना मुंडू और उनकी टीम को बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी अस्पताल में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार जारी रहेगा।






