पश्चिमी सिंहभूम, 02 जुलाई — तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में अमोनिया गैस रिसाव की घटना के बाद प्रभावित झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के 14 प्रवासी श्रमिक सुरक्षित अपने गृह राज्य लौट आए हैं। गुरुवार को चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पहुंचने पर जिला प्रशासन ने उनका स्वागत किया और उनकी कुशलक्षेम जानी।
सरकार के समन्वय से हुई सुरक्षित वापसी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर झारखंड सरकार के श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग और जिला प्रशासन ने श्रमिकों की सुरक्षित वापसी के लिए लगातार प्रयास किए। तमिलनाडु प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर सभी श्रमिकों को रेल मार्ग से राउरकेला होते हुए चक्रधरपुर लाया गया।
स्टेशन पर दी गई आवश्यक सहायता
चक्रधरपुर स्टेशन पर प्रशासनिक अधिकारियों की टीम पहले से मौजूद थी। यहां श्रमिकों को आवश्यक सहायता प्रदान की गई और उनके स्वास्थ्य व स्थिति की जानकारी ली गई।
गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था
श्रमिकों को उनके-अपने गांवों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए वाहनों की व्यवस्था की गई। साथ ही प्रत्येक श्रमिक को खाद्य सामग्री से युक्त फूड बास्केट भी दी गई, ताकि घर पहुंचने के बाद उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
गैस रिसाव के बाद बढ़ी थी चिंता
गौरतलब है कि तमिलनाडु के तिरुवल्लूर स्थित एक औद्योगिक इकाई में हाल ही में अमोनिया गैस का रिसाव हुआ था, जिसके बाद वहां कार्यरत झारखंड के श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी।

त्वरित कार्रवाई से मिली राहत
राज्य सरकार ने घटना के तुरंत बाद पहल करते हुए संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन को सक्रिय किया। तमिलनाडु के अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखने के चलते सभी 14 श्रमिक सुरक्षित वापस लौट सके।






