वाशिंगटन/तेहरान/इस्लामाबाद, 22 अप्रैल: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह विराम तब तक जारी रहेगा, जब तक ईरान की ओर से कोई साझा प्रस्ताव सामने नहीं आता।
बातचीत की मेज पर लौटने की कोशिश
ट्रंप का यह कदम ईरान को फिर से वार्ता के लिए प्रेरित करने के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, ईरान ने फिलहाल पाकिस्तान में प्रस्तावित शांति वार्ता में शामिल होने के संकेत नहीं दिए हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बयान
ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ईरान इसे बंद नहीं करना चाहता, जबकि अमेरिका ने इसे नियंत्रित कर रखा है। उन्होंने संकेत दिया कि नाकाबंदी हटाने जैसे फैसले बिना व्यापक समझौते के संभव नहीं हैं।
लेबनान-इजराइल वार्ता से बढ़ी उम्मीद
इसी बीच इजराइल और लेबनान के बीच शांति वार्ता की दिशा में सकारात्मक संकेत मिले हैं। दोनों देश गुरुवार को वार्ता के दूसरे दौर के लिए आमने-सामने होंगे। इससे पहले 14 अप्रैल को हुई पहली बैठक में 10 दिन के संघर्ष विराम पर सहमति बनी थी।
अमेरिका की मध्यस्थता जारी
अमेरिका इस वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। इसमें विदेश मंत्री मार्को रूबियो सहित कई वरिष्ठ राजनयिक शामिल हो सकते हैं। वाशिंगटन में होने वाली इस बैठक को क्षेत्रीय शांति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
सेना सतर्क, तैयारी जारी
संघर्ष विराम के बावजूद यूएस सेंट्रल कमांड ने साफ किया है कि अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क है। कमांडर ब्रैड कूपर ने कहा कि सेना अपनी रणनीति और संसाधनों को लगातार अपडेट कर रही है।
पाकिस्तान को उम्मीद, ईरान झुकेगा
पाकिस्तान के अधिकारियों को उम्मीद है कि अमेरिका के नरम रुख के बाद ईरान भी बातचीत के लिए तैयार हो सकता है। इस्लामाबाद में वार्ता के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, हालांकि फिलहाल बातचीत की मेज सूनी बनी हुई है।
कूटनीति जारी, नजरें अगले कदम पर
मौजूदा हालात में सभी पक्षों की नजरें ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि वह साझा प्रस्ताव के साथ आगे आता है, तो क्षेत्र में तनाव कम होने की संभावना बढ़ सकती है।






