नोएडा, 25 सितंबर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में पांच दिवसीय उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2026 के चौथे संस्करण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, राकेश सचान सहित कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
छह देश पहली बार बने साझेदार
इस वर्ष यूपीआईटीएस में पहली बार ऑस्ट्रिया, जापान, रूस, सिंगापुर, बेलारूस और वियतनाम साझेदार देशों के रूप में शामिल हो रहे हैं। इन देशों की भागीदारी से व्यापार साझेदारी, तकनीकी सहयोग, सोर्सिंग, निवेश और प्रदेश के उत्पादों के लिए नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
आयोजन में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू खरीदारों के साथ बीटूबी बैठकें तथा विभिन्न सेक्टरों पर नीति सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनके माध्यम से प्रदेश में निवेश और कारोबारी सहयोग की नई संभावनाएं तलाशने का प्रयास किया जाएगा।
85 देशों के 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के आने की उम्मीद
ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले यूपीआईटीएस में 2,400 से अधिक प्रदर्शकों के भाग लेने की उम्मीद है। आयोजकों के अनुसार, इसमें 1.5 लाख से अधिक बीटूबी खरीदार एवं आगंतुक और 4.5 लाख से अधिक सामान्य आगंतुक पहुंच सकते हैं। वहीं, 85 देशों के 550 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के शामिल होने की संभावना है।
अब तक 72 देशों से विदेशी खरीदारों के पंजीकरण प्राप्त हो चुके हैं। एफआईईओ के होस्टेड बायर प्रोग्राम के माध्यम से खरीदारों, आयातकों, वितरकों, रिटेलर्स, सोर्सिंग एजेंट्स, प्रोक्योरमेंट प्रमुखों, व्यापार संघों और व्यावसायिक उद्यमों को आयोजन से जोड़ा जा रहा है।
बीटूबी मैचमेकिंग से सीधे कारोबारी संवाद
यूपीआईटीएस में बीटूबी मैचमेकिंग, नेटवर्किंग और बिजनेस सेशंस के जरिए खरीदारों और प्रदर्शकों को सीधे कारोबारी संवाद का अवसर मिलेगा। आयोजन का उद्देश्य प्रदेश के उत्पादों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने के साथ निवेश और व्यापार के नए अवसर तैयार करना है।
उद्योग से लेकर कृषि और पर्यटन तक कई क्षेत्र शामिल
ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश के औद्योगिक, कृषि, हस्तशिल्प और सेवा क्षेत्र की विविधता प्रदर्शित की जाएगी। इसमें कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, ऑटोमोबाइल, ईवी एवं ऑटो कंपोनेंट्स, एविएशन, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं ई-कॉमर्स, आईटी एवं स्मार्ट सिटी सॉल्यूशंस, फिल्म एवं मनोरंजन, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी, फूड प्रोसेसिंग एवं एफएमसीजी जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
इसके अलावा बागवानी, हैंडलूम, हस्तशिल्प एवं टेक्सटाइल्स, स्वास्थ्य, वेलनेस, आयुष, फार्मास्यूटिकल्स एवं मेडिकल इक्विपमेंट, इन्फ्रास्ट्रक्चर, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग एवं रियल एस्टेट, लेदर, पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी, स्पोर्ट्स, टॉयज, रिन्यूएबल एनर्जी, पावर, माइनिंग, लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग, रिटेल, फाइनेंशियल सर्विसेज, शिक्षा एवं कौशल, पैकेजिंग एवं प्रिंटिंग तथा जल, स्वच्छता एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन को भी प्रदर्शनी में जगह दी गई है।
एमएसएमई और रोजगार से जुड़ी योजनाओं पर भी जोर
प्रदर्शनी में एमएसएमई विकास, उद्यमिता एवं कौशल विकास, क्लस्टर विकास, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, प्रोक्योरमेंट एवं मार्केटिंग सहायता, रोजगार सृजन तथा ग्रामीण एवं शहरी विकास से जुड़ी सरकारी योजनाओं और नीतियों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।
औद्योगिक निवेश, निर्यात, टेक्सटाइल्स और गारमेंटिंग से संबंधित उत्तर प्रदेश की सेक्टोरल पॉलिसीज भी आयोजन का हिस्सा होंगी।
ओडीओपी के साथ ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूजीन’
यूपीआईटीएस में उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और पाक पहचान को भी विशेष स्थान दिया गया है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) पहल के साथ इस वर्ष ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूजीन’ को विशेष पहचान दी जा रही है।
इसके जरिए प्रदेश के विभिन्न जिलों की पारंपरिक पाक विधियों, स्थानीय व्यंजनों और खाद्य विरासत को देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है।
एआई से डिजिटल ट्रेड तक उभरते क्षेत्रों पर चर्चा
पांच दिवसीय आयोजन के दौरान बिजनेस एंगेजमेंट्स, नॉलेज सेशंस, सांस्कृतिक कार्यक्रम, लाइव परफॉर्मेंस, अवॉर्ड्स, फैशन शो और लेजर शो सहित कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
नॉलेज प्रोग्राम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल ट्रेड, फूड प्रोसेसिंग, एमएसएमई, ग्लोबल फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स और अन्य उभरते क्षेत्रों पर चर्चा होगी। इससे उद्योग जगत के लोगों को ज्ञान-विनिमय, संवाद और कारोबारी सहयोग के अवसर मिलने की उम्मीद है।
पिछले संस्करण में पहुंचे थे 5 लाख से अधिक आगंतुक
यूपीआईटीएस 2026 पिछले तीन संस्करणों के अनुभव के आधार पर आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित 2025 संस्करण में कुल 5,07,099 आगंतुक पहुंचे थे, जिनमें 1,40,735 बीटूबी आगंतुक शामिल थे।
पिछले संस्करण में 35,000 वर्ग मीटर से अधिक प्रदर्शनी क्षेत्र में 2,228 प्रदर्शकों ने हिस्सा लिया था। एफआईईओ के माध्यम से 85 देशों के 550 से अधिक विदेशी खरीदारों की भागीदारी ने आयोजन के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप को मजबूत किया था।
इस वर्ष भी यूपीआईटीएस के जरिए उत्तर प्रदेश की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, एमएसएमई इकोसिस्टम, ओडीओपी एवं ओडीओसी उत्पाद, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल्स, कृषि, खाद्य, पर्यटन, नवाचार और उभरते उद्योगों को देश-विदेश के खरीदारों, निवेशकों और कारोबारी समुदाय से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।






