रांची, 19 जुलाई। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग में रिक्त सभी पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन, बिक्री और तस्करी के खिलाफ सख्त एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की समीक्षा बैठक में विभागीय योजनाओं, राजस्व संग्रहण और अवैध शराब के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा की। बैठक में विभागीय मंत्री योगेंद्र प्रसाद, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, प्रधान सचिव अमिताभ कौशल, उत्पाद आयुक्त संदीप सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
अवैध शराब पर सख्ती के निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध शराब का कारोबार न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य और जीवन के लिए भी गंभीर खतरा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अवैध शराब के पूरे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं।
राजस्व संग्रह में विभाग का बेहतर प्रदर्शन
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्धारित 3,885.11 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले विभाग ने 4,013.53 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया।
वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4,500 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जुलाई 2026 के मध्य तक विभाग 1,376 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह कर चुका है, जो वार्षिक लक्ष्य का 30.57 प्रतिशत है।
गोदाम निर्माण में स्थानीय आदिवासियों को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने विभागीय गोदामों के निर्माण कार्यों में स्थानीय आदिवासी युवाओं और समुदाय को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
रिक्त पदों पर जल्द होगी नियुक्ति
हेमंत सोरेन ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के माध्यम से उत्पाद विभाग के रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्याप्त और प्रशिक्षित मानव संसाधन के बिना विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव नहीं है।
बैठक में बताया गया कि 583 उत्पाद सिपाहियों के नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री ने नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।
मदिरा परिवहन वाहनों में होगी जीपीएस निगरानी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मदिरा परिवहन वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग और डिजिटल लॉक की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इससे वाहनों की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी और उनके मार्ग, ठहराव तथा गंतव्य की सटीक जानकारी प्राप्त की जा सकेगी।






