एम्सटेलवीन (नीदरलैंड्स), 18 अगस्त । भारतीय महिला हॉकी टीम ने एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से करारी शिकस्त दी। टूर्नामेंट के अपने दूसरे मुकाबले में भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक हॉकी खेली और दक्षिण अफ्रीका को पूरे मैच में दबाव में रखा। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने विश्व कप में अपनी पहली जीत दर्ज की और पूल डी में चार अंकों के साथ गोल अंतर के आधार पर शीर्ष स्थान हासिल कर लिया।
भारत ने टूर्नामेंट के अपने पहले मुकाबले में 2024 ओलंपिक की रजत पदक विजेता चीन के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेला था। ऐसे में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबला भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण था। टीम ने इस चुनौती को शानदार अंदाज में पार करते हुए न सिर्फ तीन अंक हासिल किए, बल्कि गोल अंतर में भी अपनी स्थिति मजबूत कर ली।
पहले क्वार्टर से ही भारत का दबदबा
भारतीय टीम ने मुकाबले की शुरुआत से ही तेज और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों ने लगातार तेज पासिंग, बेहतर तालमेल और सटीक मूवमेंट के जरिए दक्षिण अफ्रीकी डिफेंस पर दबाव बनाया। भारतीय फॉरवर्ड लगातार विपक्षी सर्कल में पहुंचती रहीं और टीम को इसका फायदा भी जल्द मिल गया।
मुकाबले के 11वें मिनट में सुनेलिता टोप्पो ने शानदार गोल करते हुए भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। शुरुआती बढ़त मिलने के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास और बढ़ गया। दक्षिण अफ्रीका ने वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति ने उसके हमलों को ज्यादा प्रभावी नहीं होने दिया।
दूसरे क्वार्टर में दो और गोल
दूसरे क्वार्टर में भी भारत ने अपना आक्रामक रवैया बरकरार रखा। 17वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला और नवनीत कौर ने इसका शानदार फायदा उठाते हुए स्लैप हिट के जरिए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ भारत ने अपनी बढ़त 2-0 कर ली।
दक्षिण अफ्रीकी टीम अभी इस झटके से उबर भी नहीं पाई थी कि भारत ने एक और हमला बोला। 25वें मिनट में सुशीला चानू ने गोल कर भारतीय टीम को 3-0 की मजबूत बढ़त दिला दी। पहले हाफ के अंत तक भारत ने मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखा।
तीसरे क्वार्टर में गोलों की बरसात
तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना दबदबा और मजबूत कर लिया। 38वें मिनट में दीपिका ने शानदार टॉमहॉक के जरिए गोल किया और भारत की बढ़त 4-0 हो गई।
इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने दक्षिण अफ्रीका को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। 44वें मिनट में लालरेम्सियामी ने गोल दागा और स्कोर 5-0 कर दिया। इसके ठीक अगले मिनट साक्षी राणा ने भी गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर भारत की बढ़त 6-0 कर दी।
लगातार दो मिनट में दो गोल ने दक्षिण अफ्रीका की वापसी की सारी उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया। भारतीय टीम के लिए इस मुकाबले की सबसे खास बात यह रही कि उसके छह अलग-अलग खिलाड़ियों ने गोल किए। इससे टीम की आक्रामक क्षमता और स्कोरिंग में उसकी गहराई का पता चलता है।
दक्षिण अफ्रीका ने आखिरी क्वार्टर में खोला खाता
छह गोल से पिछड़ने के बाद दक्षिण अफ्रीका ने अंतिम क्वार्टर में कुछ बेहतर प्रयास किए। उसे 55वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिस पर कायला डी वाल ने गोल कर अपनी टीम का खाता खोला।
हालांकि, इस गोल के बावजूद दक्षिण अफ्रीका भारतीय टीम पर कोई खास दबाव नहीं बना सका। भारत ने अंतिम मिनटों में संयम के साथ खेलते हुए अपनी 6-1 की बढ़त को बरकरार रखा और मुकाबला अपने नाम कर लिया।
छह खिलाड़ियों के गोल से मजबूत हुआ भारत का आत्मविश्वास
भारत की इस जीत में टीम के सामूहिक प्रदर्शन की अहम भूमिका रही। छह अलग-अलग खिलाड़ियों का स्कोरशीट पर नाम आना इस बात का संकेत है कि भारतीय टीम केवल किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं है। फॉरवर्ड लाइन के साथ-साथ मिडफील्ड और पेनल्टी कॉर्नर से भी टीम ने प्रभावी प्रदर्शन किया।
चीन के खिलाफ शुरुआती मुकाबले में ड्रॉ के बाद मिली यह जीत भारतीय खिलाड़ियों के आत्मविश्वास के लिए भी महत्वपूर्ण है। अब टीम की नजर पूल डी में अपनी स्थिति मजबूत करने और नॉकआउट चरण की ओर बढ़ने पर है।
इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबला बेहद अहम
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बड़ी जीत के बाद भारत के खाते में चार अंक हो गए हैं। गोल अंतर के आधार पर टीम पूल डी में शीर्ष स्थान पर पहुंच गई है। अब भारतीय महिला टीम 20 अगस्त को इंग्लैंड के खिलाफ अपना आखिरी पूल मुकाबला खेलेगी।
इंग्लैंड के खिलाफ होने वाला यह मुकाबला भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा। सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारतीय टीम को इस मैच में भी मजबूत प्रदर्शन करना होगा। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 6-1 की बड़ी जीत ने भारत को बेहतर स्थिति में जरूर पहुंचाया है, लेकिन नॉकआउट चरण की तस्वीर इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले के बाद और स्पष्ट होगी।
फिलहाल भारतीय महिला हॉकी टीम ने विश्व कप अभियान को शानदार अंदाज में पटरी पर ला दिया है। चीन के खिलाफ ड्रॉ के बाद दक्षिण अफ्रीका पर छह गोल दागकर मिली जीत ने टीम के इरादे साफ कर दिए हैं कि वह इस टूर्नामेंट में बड़ी चुनौती पेश करने के लिए तैयार है।






