मतदाता सूची संशोधन को लेकर बंगाल की राजनीति गरम, तृणमूल नेता देवु टुडू ने दिया विवादित बयान

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पूर्व बर्दवान। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में तीखा टकराव देखने को मिल रहा है। इस मुद्दे पर न सिर्फ राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी असंतोष सामने आया है। इसी क्रम में पूर्व बर्दवान जिला परिषद के पूर्व सभाधिपति और तृणमूल कांग्रेस नेता देवु टुडू ने एक विवादित बयान देकर सियासी माहौल और गर्म कर दिया है।

रविवार को बर्दवान एक नम्बर ब्लॉक के अंतर्गत स्थानीय भीटा हाई स्कूल मैदान में आयोजित तृणमूल कांग्रेस की सभा में देवु टुडू ने कहा कि यदि एक भी वैध मतदाता का नाम वोटर सूची से हटाया गया, तो वे इसके लिए भाजपा नेताओं को जिम्मेदार ठहराएंगे। उन्होंने कहा, “अगर असंवैधानिक और अवैध तरीके से वोटरों के नाम काटे गए, तो हम चुप नहीं बैठेंगे। एक भी वैध वोटर का नाम हटाया गया तो भाजपा नेताओं को पीटाई होगी।”

सभा में राज्य के मंत्री स्वप्न देवनाथ, पूर्व बर्दवान जिला युवा तृणमूल अध्यक्ष रासबिहारी हालदार सहित पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद थे।

देवु टुडू ने चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है और जानबूझकर मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय चुनाव आयुक्त पर सीधा हमला करते हुए कहा कि चुनाव आयोग भाजपा का दलाल बन चुका है।

इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय जांच एजेंसियों की चुनाव से पहले की सक्रियता को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। वोट रणनीति बनाने वाली संस्था आई-पैक के कार्यालय पर ईडी की छापेमारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जैसे ही बंगाल में चुनाव नजदीक आते हैं, ईडी और सीबीआई की कार्रवाई शुरू हो जाती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन कार्रवाइयों का मजबूती से विरोध किया है और बंगाल के लोगों की आवाज उठाई है।

देवु टुडू के बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा के बर्दवान सांगठनिक जिला प्रवक्ता सौम्यराज बनर्जी ने कहा कि चोरी और मारपीट तृणमूल की सामान्य प्रवृत्ति है। पिछले 15 सालों से तृणमूल इसी तरह राज्य चला रही है। इस तरह की धमकी देने वालों को पहले यह देखना चाहिए कि उनकी खुद की पीठ की खाल बची रहेगी या नहीं।

ईडी की कार्रवाई को लेकर सौम्यराज बनर्जी ने कहा कि क्या पुलिस चोर पकड़ने जाने से पहले चोर को सूचित करती है? ईडी भी जांच के लिए पहले से सूचना नहीं देती। जिनके पास न्यूनतम समझ नहीं होती, वही इस तरह के तर्क देते हैं।

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