नई दिल्ली, 11 सितंबर । रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए शुक्रवार तड़के भारत पहुंच गए। उनका विमान रात करीब तीन बजे नई दिल्ली पहुंचा। हवाई अड्डे पर विदेश राज्यमंत्री केवी सिंह ने उनका स्वागत किया। रेड कार्पेट और गार्ड ऑफ ऑनर के बाद राष्ट्रपति पुतिन का काफिला एयरपोर्ट से रवाना हुआ। वह राष्ट्रीय राजधानी स्थित मौर्या शेरटन होटल में ठहरेंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ राष्ट्रपति पुतिन की आज द्विपक्षीय वार्ता होगी। बैठक में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी, व्यापार और रक्षा सहयोग सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
एसयू-57 और ब्रह्मोस पर हो सकती है चर्चा
द्विपक्षीय वार्ता के दौरान एसयू-57 फाइटर जेट और अपडेटेड ब्रह्मोस समेत कई रक्षा समझौतों पर चर्चा होने की संभावना है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से रक्षा क्षेत्र में सहयोग रहा है और पुतिन की यात्रा के दौरान इसे और मजबूत करने पर बातचीत हो सकती है।
भारत आ रहे विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी ब्रिक्स सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।
यूक्रेन युद्ध के बाद पहली बड़ी व्यक्तिगत यात्रा
फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस के बाहर आयोजित किसी वैश्विक आयोजन में राष्ट्रपति पुतिन की यह पहली व्यक्तिगत भागीदारी बतायी जा रही है। ऐसे में उनकी भारत यात्रा को वैश्विक कूटनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मोदी-शी और मोदी-पुतिन मुलाकात पर दुनिया की नजर
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा और प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी वार्ता के नतीजे भी मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। पश्चिम एशिया में तनाव और यूक्रेन युद्ध के बीच ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को लेकर इन बैठकों पर दुनियाभर की नजर है।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ-साथ मोदी-पुतिन बैठक को भी अहम माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विभिन्न फैसलों के बीच कई देश चीन और भारत के बीच तनाव कम होने तथा दोनों देशों के संबंधों में सुधार की उम्मीद कर रहे हैं।

लावरोव और मंटुरोव भी पहुंचे दिल्ली
ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव भी नई दिल्ली पहुंच चुके हैं।
वहीं, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के 12 सितंबर की दोपहर दिल्ली पहुंचने की संभावना है। इस वर्ष ब्रिक्स देशों का शिखर सम्मेलन भारत में आयोजित किया जा रहा है।
ब्रिक्स में 11 देश शामिल
ब्रिक्स में मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे। वर्ष 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को समूह में शामिल किया गया। इसके बाद वर्ष 2025 में इंडोनेशिया भी ब्रिक्स का सदस्य बना।
इस तरह ब्रिक्स में अब कुल 11 देश शामिल हैं और इन सभी देशों के प्रतिनिधि भारत की राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।






