—एक साल तक जारी रहेंगी विशेष बैंकिंग सुविधाएं, जीरो बैलेंस खाते से लेकर बीमा और रियायती ऋण का मिलेगा लाभ
पटना: बिहार सरकार ने राज्य के स्थायी एवं संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नौ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ सैलरी पैकेज खातों से संबंधित समझौता ज्ञापन (एमओयू) का एक वर्ष के लिए नवीनीकरण कर दिया है। इस निर्णय से कर्मचारियों को पहले की तरह सभी विशेष बैंकिंग सुविधाओं का लाभ मिलता रहेगा।
वित्त विभाग में हुआ एमओयू पर हस्ताक्षर
वित्त विभाग के अनुसार, मंगलवार अपराह्न विभागीय कार्यालय में सचिव (व्यय) रचना पाटिल की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान संबंधित सभी बैंकों के महाप्रबंधक और आंचलिक प्रबंधक मौजूद रहे।
एक साल पहले हुआ था समझौता
बिहार सरकार ने कर्मचारियों को बेहतर बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 7 जुलाई 2025 को इन बैंकों के साथ एक वर्ष के लिए एमओयू किया था। इसकी अवधि 6 जुलाई 2026 को समाप्त हो गई थी। कर्मचारियों को मिल रही सुविधाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसे देखते हुए सरकार ने तत्काल प्रभाव से समझौते का अगले एक वर्ष के लिए नवीनीकरण कर दिया।
कर्मचारियों को मिलती रहेंगी ये विशेष सुविधाएं
वित्त विभाग ने बताया कि एमओयू के तहत कर्मचारियों को पहले की तरह कई विशेष बैंकिंग सुविधाएं मिलती रहेंगी। इनमें प्रमुख रूप से—
- जीरो बैलेंस सैलरी अकाउंट
- निःशुल्क दुर्घटना बीमा कवर
- रियायती ब्याज दरों पर ऋण
- ओवरड्राफ्ट सुविधा
- अन्य विशेष बैंकिंग सेवाएं
शामिल हैं।
इन नौ बैंकों के साथ हुआ नवीनीकरण
सरकार ने जिन बैंकों के साथ एमओयू का नवीनीकरण किया है, उनमें भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, इंडियन बैंक और यूको बैंक शामिल हैं।
कर्मचारियों के वित्तीय हितों की सुरक्षा पर जोर
वित्त विभाग के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य राज्य सरकार के कर्मचारियों को सुरक्षित, बेहतर और निर्बाध बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराना तथा उनके वित्तीय हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से कर्मचारियों को आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा।






