जमुई: बिहार के जमुई रेलवे स्टेशन पर सोमवार शाम कोलकाता से दरभंगा जा रही मैथिली साप्ताहिक एक्सप्रेस में अचानक अफरा-तफरी मच गई। ट्रेन के एस-4 कोच के पहियों के नीचे से तेज चिंगारी और धुआं निकलते देख यात्रियों ने इसे आग लगने की घटना समझ लिया। देखते ही देखते कोच में चीख-पुकार मच गई और घबराए यात्री खिड़कियों और दरवाजों से कूदकर बाहर निकलने लगे।
चिंगारी और धुआं देख मची भगदड़
मैथिली एक्सप्रेस जमुई रेलवे स्टेशन पर निर्धारित ठहराव के बाद आगे बढ़ने ही वाली थी। इसी दौरान एस-4 कोच के पहियों के नीचे से चिंगारी और धुएं का गुबार निकलने लगा। धुआं देखकर यात्रियों के बीच ट्रेन में आग लगने की अफवाह फैल गई।

घबराए यात्रियों ने तुरंत चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोक दिया। ट्रेन रुकते ही पुरुष, महिलाएं और बच्चे अपनी जान बचाने के लिए कोच से बाहर निकलने लगे। कई यात्री खिड़कियों से भी कूद गए। इससे स्टेशन परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
समस्तीपुर के यात्री उपेंद्र पासवान और दरभंगा के अमित सिंह ने बताया कि वे देवघर से पूजा करके लौट रहे थे। अमित सिंह के अनुसार, ट्रेन के जमुई स्टेशन से खुलने के बाद कोच में धुआं भरने लगा, जिसके बाद यात्रियों में भगदड़ मच गई।
जांच में सामने आया ब्रेक बाइंडिंग का मामला
घटना की सूचना मिलते ही स्टेशन पर तैनात आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे के तकनीकी कर्मचारी मौके पर पहुंचे। जांच के बाद पता चला कि कोच में आग नहीं लगी थी। पहियों में ब्रेक शूज चिपक जाने यानी ब्रेक बाइंडिंग के कारण घर्षण पैदा हुआ, जिससे चिंगारी और धुआं निकला।
जीआरपी थाने के एएसआई बृजेश सिंह राठौड़ ने बताया कि ब्रेक बाइंडिंग के कारण पहियों के पास चिंगारी और धुआं निकला था। इसे देखकर यात्रियों के बीच आग लगने की अफवाह फैल गई और लोग जान बचाने के लिए ट्रेन से कूदकर भागने लगे।
30 से 45 मिनट तक रुकी रही ट्रेन
रेलवे कर्मचारियों ने तकनीकी जांच के बाद समस्या को दूर करने के लिए एसीपी की कार्रवाई की। दोबारा समस्या सामने आने पर फिर से जांच की गई। इस पूरी प्रक्रिया में करीब 30 से 45 मिनट का समय लगा।

जमुई स्टेशन मास्टर नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया कि ट्रेन में आग लगने की कोई घटना नहीं हुई थी। उन्होंने बताया कि ब्रेक बाइंडिंग के कारण चिंगारी निकली थी और आवश्यक तकनीकी कार्रवाई के बाद ट्रेन को आगे रवाना कर दिया गया।
ट्रेन खुलने से कई यात्री छूटे
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन को तकनीकी जांच के बाद आगे रवाना कर दिया गया। हालांकि, इस दौरान घबराकर ट्रेन से उतर गए कई यात्री ट्रेन के दोबारा चलने के बाद उसमें सवार नहीं हो सके।
रेलवे और पुलिस ने यात्रियों से अपील की कि किसी भी तरह की घटना में अफवाह पर भरोसा करने के बजाय पहले रेलवे कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों से वास्तविक स्थिति की जानकारी लें।







