—चुटिया के पटेल कंपाउंड में बंद मकान को बनाया निशाना, अलमारियां और दीवान तोड़कर की चोरी; सीसीटीवी फुटेज से आरोपितों की पहचान में जुटी पुलिस
रांची। राजधानी रांची के चुटिया थाना क्षेत्र स्थित पटेल कंपाउंड में चोरों ने पुलिस विभाग में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर के घर को निशाना बनाया। हजारीबाग में तैनात सब-इंस्पेक्टर शशि गुप्ता के बंद मकान का ताला तोड़कर चोर 20 लाख रुपये से अधिक के गहने और नकदी लेकर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वारदात के समय घर में कोई मौजूद नहीं था। इसी का फायदा उठाकर तीन से चार चोर मकान में दाखिल हुए और चोरी की घटना को अंजाम दिया।
अलमारियां और दीवान तोड़कर निकाले गहने-नकदी
चोरों ने घर के अंदर रखी अलमारियों और दीवान को तोड़ दिया। इसके बाद उनमें रखे जेवरात और नकदी निकाल ली। वारदात के दौरान घर का सामान इधर-उधर बिखेर दिया गया। चोरों ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी गतिविधियां कैमरे में रिकॉर्ड हो गईं।
चोरी में कितने गहने और कितनी नकदी गई है, इसका विस्तृत आकलन किया जा रहा है। फिलहाल चोरी गए सामान की कुल कीमत 20 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
रिश्तेदार के पहुंचने पर सामने आई वारदात
सुबह शशि गुप्ता के एक रिश्तेदार घर पहुंचे, तो उन्होंने मुख्य गेट का ताला टूटा हुआ पाया। अंदर जाकर देखने पर कमरों में सामान बिखरा मिला और अलमारियों के ताले टूटे हुए थे। इसके बाद उन्होंने शशि गुप्ता को घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस को मामले से अवगत कराया गया। बंद मकान में चोरी की इस वारदात के बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस और एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना पर चुटिया थाना पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य जुटाए।
पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान करने में जुटी है। साथ ही आसपास के इलाकों में भी जांच की जा रही है, ताकि आरोपितों के आने-जाने के रास्ते और उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी मिल सके।
चोरों की पहचान में जुटी पुलिस
पुलिस मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। चोरी गए गहनों और नकदी की वास्तविक कीमत का पता लगाने के साथ ही चोरों की गिरफ्तारी के लिए भी जांच जारी है।






