—आमस-दरभंगा हाईवे को 2027 तक पूरा करने पर जोर, पीएम आवास योजना के 12 लाख घरों का लक्ष्य जल्द हासिल करने और बाढ़ पीड़ितों को प्राथमिकता देने का निर्देश
पटना। बिहार में विकास योजनाओं को गति देने और निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। पटना स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में साइंस सिटी, आमस-दरभंगा हाईवे, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और जनजातीय परिवारों के लिए आवास सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाया जाए।
साइंस सिटी का काम 2028 तक पूरा करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने पटना के राजेंद्र नगर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी में विभिन्न गैलरियों के प्रदर्शों के निर्माण कार्य की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को वर्ष 2028 तक काम पूरा करने का निर्देश दिया।
इस परियोजना का उद्देश्य राज्य में वैज्ञानिक चेतना, नवाचार और विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि परियोजना को निर्धारित समयसीमा के अनुरूप आगे बढ़ाया जाए, ताकि लोगों और विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।
आमस-दरभंगा हाईवे 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग-119डी के अंतर्गत आमस-दरभंगा मार्ग के पैकेज-1 में 55 किलोमीटर लंबे आमस-शिवरामपुर खंड की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने इस खंड का निर्माण कार्य वर्ष 2027 तक पूरा करने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही बिहार जलाशय पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के साथ आवश्यक समझौते की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा गया। इसका उद्देश्य संबंधित कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।
पीएम आवास योजना के 12 लाख घरों का लक्ष्य जल्द पूरा करने पर जोर
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने आवास के लिए सर्वेक्षण प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजना से संबंधित प्राप्त आपत्तियों का त्वरित और पारदर्शी तरीके से निपटारा किया जाए, ताकि पात्र परिवारों को समय पर लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने योजना के तहत 12 लाख आवास निर्माण के लक्ष्य को जल्द पूरा करने पर जोर दिया। साथ ही, बाढ़ प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता सूची में शामिल करने का निर्देश दिया, ताकि जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में प्राथमिकता मिल सके।
विशेष रूप से कमजोर जनजातीय परिवारों को मिलेगा लाभ
प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान की समीक्षा के दौरान विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर पात्र आदिवासी परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता योजना की भी समीक्षा की, जिसके तहत पात्र लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने से संबंधित स्थिति का जायजा लिया गया।
सरकारी जमीन की उपलब्धता की अंचलवार समीक्षा होगी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जिलों के प्रभारी सचिवों को निर्देश दिया कि सरकारी भूमि की उपलब्धता की अंचलवार समीक्षा की जाए। पात्र लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए भूमि या सहायता उपलब्ध कराने में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए जरूरी कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी सुनिश्चित करने और निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ देने का निर्देश दिया।
समयसीमा और निगरानी पर सरकार का फोकस
समीक्षा बैठक में बुनियादी ढांचे के निर्माण से लेकर गरीबों और वंचित परिवारों को आवास उपलब्ध कराने तक कई अहम योजनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के निर्देशों से स्पष्ट है कि सरकार परियोजनाओं को समय पर पूरा करने, लंबित प्रक्रियाओं में तेजी लाने और योजनाओं के लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने पर जोर दे रही है। अब संबंधित विभागों और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी होगी कि वे तय लक्ष्यों के अनुरूप योजनाओं को धरातल पर उतारें।






