पलामू में पर्यटकों के लिए खुला बेतला नेशनल पार्क, तीन महीने बाद शुरू हुआ नया पर्यटन सत्र; सफारी से ऑनलाइन बुकिंग तक कई नई सुविधाएं

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पलामू, 01 अक्टूबर। बरसात के कारण करीब तीन महीने तक बंद रहने के बाद पलामू टाइगर रिजर्व का बेतला नेशनल पार्क गुरुवार से एक बार फिर पर्यटकों के लिए खोल दिया गया। पार्क के खुलने के साथ ही बेतला नेशनल पार्क और पलामू टाइगर रिजर्व के अन्य ईको-टूरिज्म स्थलों में नए पर्यटन सत्र का औपचारिक शुभारंभ हुआ।

उद्घाटन समारोह में चतरा सांसद कालीचरण सिंह, डिप्टी डायरेक्टर (नॉर्थ), प्रभागीय वनाधिकारी समेत वन विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान स्थानीय बच्चियों और ‘बाघ-दीदीयों’ ने फीता काटकर पार्क को पर्यटकों के लिए खोला।

नए पर्यटन सत्र में कई बदलाव

इस पर्यटन सत्र में पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए नई सुविधाएं शुरू की गई हैं। इसके साथ ही वन्यजीवों और जंगल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ सख्त नियम भी लागू किए गए हैं।

वन विभाग का जोर इस बार पर्यटन को सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों और वन्यजीवों के संरक्षण पर भी है।

बाइसन गेट के साथ खुला किला कमलदह सर्किट

पर्यटकों के लिए इस बार बाइसन गेट के साथ किला कमलदह सर्किट भी खोल दिया गया है। इस सर्किट का संचालन केवल ओपन गाइडेड सफारी के माध्यम से किया जाएगा।

इससे पर्यटकों को जंगल और ऐतिहासिक स्थलों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। साथ ही स्थानीय गाइड, ड्राइवर और सफारी ऑपरेटरों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।

घर बैठे कर सकेंगे ऑनलाइन बुकिंग

पलामू टाइगर रिजर्व के ईको-टूरिज्म को डिजिटल सुविधा से भी जोड़ा गया है। अब नेतरहाट से केचकी तक पलामू टाइगर रिजर्व के सभी ईको-टूरिज्म स्थलों और सफारी की बुकिंग ऑनलाइन उपलब्ध है।

पर्यटक घर बैठे अपनी यात्रा की योजना बनाकर ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे। इससे पर्यटकों को बुकिंग के लिए अलग से परेशानी उठाने की जरूरत नहीं होगी।

महुआ टपरी में मिलेगा झारखंड का पारंपरिक स्वाद

पर्यटन को स्थानीय संस्कृति और खान-पान से जोड़ने की भी तैयारी है। झारखंड के पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही ‘महुआ टपरी’ और किला चेकनाका के पास स्थानीय स्वाद उपलब्ध कराया जाएगा।

इस पहल से पर्यटकों को जंगल सफारी और प्राकृतिक पर्यटन के साथ झारखंड के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी मिल सकेगा।

पूरा ईको-टूरिज्म सर्किट प्लास्टिक मुक्त

पलामू टाइगर रिजर्व और इसके ईको-टूरिज्म सर्किट को प्लास्टिक-मुक्त क्षेत्र घोषित किया गया है। पर्यटकों को प्लास्टिक लेकर आने पर कॉशन मनी जमा करनी होगी।

यदि पर्यटक कचरा नहीं फैलाते हैं और निर्धारित नियमों का पालन करते हैं, तो यह राशि वापस कर दी जाएगी। वहीं प्लास्टिक या अन्य कचरा फैलाने पर मौके पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

वन्यजीवों को खाना खिलाने पर सख्ती

वन विभाग ने पर्यटकों को वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और उनके प्राकृतिक व्यवहार में हस्तक्षेप नहीं करने की हिदायत दी है। वन्यजीवों को किसी भी तरह का भोजन खिलाने पर सख्त जुर्माना और सजा का प्रावधान है।

विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि जंगल में घूमने के दौरान वन्यजीवों को आकर्षित करने या उन्हें खाना देने की कोशिश न करें।

जगह-जगह लगाए गए सीसीटीवी कैमरे

पार्क में पर्यटकों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इससे पार्क की गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा पर्यटकों की सहायता के लिए ‘क्विक क्यूआर असिस्टेंट’ की सुविधा भी शुरू की गई है।

QR कोड स्कैन करते ही कंट्रोल रूम से संपर्क

पर्यटक किसी समस्या, सुझाव या शिकायत की स्थिति में क्यूआर कोड स्कैन करके व्हाट्सऐप के माध्यम से सीधे कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकेंगे।

इस डिजिटल सुविधा के जरिए पर्यटकों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने और उनकी शिकायतों का समाधान करने की कोशिश की जाएगी।

नियमों का पालन कर जंगल की खूबसूरती का उठाएं आनंद

नए पर्यटन सत्र के शुभारंभ के साथ वन विभाग ने सभी पर्यटकों से पार्क के नियमों का पालन करने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि पर्यटक पलामू टाइगर रिजर्व की प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों का आनंद जिम्मेदारी के साथ लें।

बेतला नेशनल पार्क के दोबारा खुलने से स्थानीय पर्यटन कारोबार, गाइड, ड्राइवर, सफारी संचालकों और अन्य स्थानीय लोगों को भी नए पर्यटन सत्र से रोजगार और आजीविका के अवसर मिलने की उम्मीद है।

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