सीवान: नीट परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर बुलाया गया बिहार बंद सीवान में बेअसर रहा। प्रशासन की सख्ती और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के चलते पूरे दिन जनजीवन सामान्य बना रहा।
फ्लैग मार्च का दिखा असर
बंद से एक दिन पहले ही जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया था। शुक्रवार शाम जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय और पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने सशस्त्र बलों के साथ शहर में फ्लैग मार्च किया था। इसका असर शनिवार को साफ नजर आया।
शहर के सरकारी दफ्तर, निजी संस्थान और बाजार रोज की तरह खुले रहे। लोगों की आवाजाही भी बिना किसी रुकावट के जारी रही, जिससे यह साफ हुआ कि बंद का आम जनजीवन पर कोई खास असर नहीं पड़ा।
प्रदर्शन और पुलिस के बीच नोकझोंक
शनिवार सुबह आईसा और आरवाइए के कार्यकर्ता प्रदर्शन करते हुए जेपी चौक पहुंचे और सड़क जाम कर नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली करने की अपील की।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस भी हुई। कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया, लेकिन पुलिस के सख्त रुख के बाद प्रदर्शनकारी सड़क से हट गए। इसके बाद यातायात फिर से सामान्य हो गया।

बंद का नहीं दिखा व्यापक असर
बंद के आह्वान के बावजूद शहर में कहीं भी बड़ा असर देखने को नहीं मिला। बाजार खुले रहे, वाहन चलते रहे और आम लोगों की दिनचर्या सामान्य रही।
हालांकि, जेपी चौक पर बड़ी संख्या में छात्र जुटे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे। प्रशासन पूरे दिन अलर्ट मोड में रहा और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।






