दरभंगा: बिहार के दरभंगा जिले में बुधवार सुबह कोसी नदी में एक नाव पलट जाने से बड़ा हादसा हो गया। नाव पर सवार 11 लोगों में से चार लोग लापता हो गए हैं, जबकि सात लोगों को स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित बचा लिया गया। घटना के बाद प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है।
मूंग की फसल तोड़ने जा रहे थे ग्रामीण
जानकारी के अनुसार जमालपुर क्षेत्र के कुबौल और तरबारा गांव के लोग सुबह कोसी नदी पार कर अपने खेतों में मूंग की फसल तोड़ने जा रहे थे। नाव पर कुल 11 लोग सवार थे, जिनमें अधिकांश महिलाएं थीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नाव जैसे ही तरबारा स्पर के पास पहुंची, तेज धारा के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया। कुछ ही देर में नाव में पानी भरने लगा और वह नदी में पलट गई।
नाव पलटते ही मची अफरा-तफरी
हादसे के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। कई लोग नदी की तेज धारा में बहने लगे। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया।
सात लोग किसी तरह तैरकर बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि कुछ को स्थानीय लोगों ने सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया। हालांकि चार लोग अब भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है।
बचाए गए लोगों का अस्पताल में इलाज
हादसे में सुरक्षित निकाले गए लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए किरतपुर स्थित सरकारी अस्पताल भेजा गया है। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर है।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही बिरौल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) प्रभाकर तिवारी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी शुरू की।
प्रशासन ने तत्काल एनडीआरएफ और क्विक रिस्पॉन्स टीम को भी मौके पर बुलाया है। लापता लोगों की तलाश के लिए नदी में विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

नदी के विभिन्न हिस्सों में चल रहा सर्च ऑपरेशन
बिरौल एसडीओ ने बताया कि सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम को सक्रिय कर दिया गया। नदी के विभिन्न हिस्सों में खोज अभियान चलाया जा रहा है ताकि लापता लोगों का जल्द पता लगाया जा सके।
उन्होंने कहा कि दुर्घटना के कारणों की भी जांच की जा रही है और आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
लगातार बढ़ रही हैं नाव हादसों की घटनाएं
कोसी नदी क्षेत्र में नाव दुर्घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनती जा रही हैं। इससे एक दिन पहले मंगलवार को सहरसा जिले के सरायगढ़ पंचायत के चिकनी गांव के पास पूर्वी सुरक्षा गाइड बांध के निकट कोसी नदी की उपधारा में भी एक नाव पलट गई थी।
उस नाव पर करीब 20 लोग सवार थे, लेकिन स्थानीय गोताखोरों, ग्रामीणों और एनडीआरएफ की तत्परता से सभी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
लगातार हो रही नाव दुर्घटनाओं के बाद नदी क्षेत्रों में नाव संचालन की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नावों की क्षमता के अनुरूप संचालन, लाइफ जैकेट जैसी सुरक्षा सुविधाओं की उपलब्धता और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है।
परिजनों में चिंता, प्रशासन की नजर बचाव अभियान पर
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लापता चार लोगों का पता लगाना है। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुटी हुई है, जबकि लापता लोगों के परिजनों में चिंता और बेचैनी का माहौल बना हुआ है। राहत एवं बचाव दल लगातार नदी में खोज अभियान चला रहे हैं।






