पटना, 23 सितंबर । जमुई में नाबालिग से कथित अश्लील हरकत के मामले को लेकर बिहार की सियासत गरमा गई है। मुख्य आरोपी के तौर पर नंदन यादव का नाम सामने आने के बाद मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बयानों पर सवाल उठाए हैं। संतोष सुमन ने मामले में कथित जातीय एंगल को लेकर तेजस्वी यादव पर निशाना साधा और कहा कि अपराध की पहचान जाति या किसी प्रतीक से नहीं, बल्कि जांच और सबूतों के आधार पर होनी चाहिए।
संतोष सुमन ने तेजस्वी यादव के बयान पर उठाए सवाल
संतोष कुमार सुमन ने कहा कि मुख्य आरोपी का नाम नंदन यादव सामने आने के बाद अब यह सवाल उठता है कि मामले को किस नजरिए से देखा जाएगा। उन्होंने तेजस्वी यादव के कथित जातीय संदर्भ वाले बयान पर सवाल खड़े किए।
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर आरोपी का नाम नंदन यादव है तो तेजस्वी यादव को यह बताना चाहिए कि उनके जातीय नजरिए का क्या होगा।
‘सरकार ने जाति नहीं, अपराधी की तलाश की’
संतोष सुमन ने कहा कि सरकार ने आरोपी की जाति पूछकर कार्रवाई नहीं की, बल्कि अपराध की जांच करते हुए आरोपी की तलाश की। उनके मुताबिक, पुलिस ने जांच के आधार पर आरोपी को पकड़ा है।
उन्होंने कहा कि अब मुख्य आरोपी का नाम सामने आ चुका है और ऐसे में मामले को जाति के आधार पर देखने के बजाय अपराध और जांच के नजरिए से देखा जाना चाहिए।
‘गमछे के रंग से अपराधी तय नहीं होगा’
मंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति को उसके गमछे के रंग या किसी अन्य पहचान के आधार पर अपराधी नहीं माना जा सकता। अपराधी की पहचान जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर ही होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि रंग कोई भी हो, यदि कोई व्यक्ति अपराध करता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
तेजस्वी ने उठाया था ‘यादव एंगल’ और ‘मुस्लिम एंगल’ का मुद्दा
दरअसल, तेजस्वी यादव ने जमुई मामले पर अपनी प्रतिक्रिया में ‘यादव एंगल’ और ‘मुस्लिम एंगल’ की चर्चा की थी। इसी संदर्भ में संतोष सुमन ने उनके बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले की जांच को जातीय नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
जमुई मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी के बीच पुलिस की जांच जारी है। मामले में सामने आए तथ्यों और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।






