पूर्वी सिंहभूम, 30 अप्रैल । बिष्टुपुर स्थित धातकीडीह में गुरुवार से राज्य स्तरीय कबूतरबाजी प्रतियोगिता का भव्य आगाज़ हुआ। इसमें झारखंड के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। आयोजन में जमशेदपुर फ्लाइ एसोसिएशन के करीब 30 सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
10 मई तक चलेगी प्रतियोगिता
यह प्रतियोगिता 10 मई तक आयोजित होगी, जबकि 15 मई को परिणाम घोषित किए जाएंगे और 16 मई को विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। आयोजन स्थल पर सुबह से ही कबूतर प्रेमियों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुटने लगी, जिससे पूरे इलाके में मेले जैसा माहौल बन गया।
ऐसे तय होगा विजेता
प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार प्रतिभागी एक साथ आठ कबूतर उड़ाते हैं। जो कबूतर सबसे अधिक समय तक आसमान में उड़ान बनाए रखता है, उसी के आधार पर विजेता का चयन किया जाता है।
- प्रथम पुरस्कार: ₹50,000
- द्वितीय पुरस्कार: ₹30,000
प्रतिभागियों में उत्साह
प्रतियोगिता में भाग लेने आए प्रतिभागियों ने अपने-अपने कबूतरों की उड़ान क्षमता पर भरोसा जताया। उनका कहना है कि इस तरह के आयोजन पारंपरिक शौक को जीवित रखने के साथ-साथ आपसी मेलजोल और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देते हैं।
परंपरा और आधुनिकता का संगम
कबूतरबाजी की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है, जिसका संबंध राजाओं-महाराजाओं के दौर से माना जाता है। आज भी यह शौक समाज के कई वर्गों में जीवित है और खास बात यह है कि युवा पीढ़ी भी इसमें रुचि दिखा रही है, जिससे इस परंपरा की निरंतरता बनी हुई है।






