पटना: बिहार में छात्रों के आंदोलन को लेकर सियासत तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियों के विरोध में 19 अगस्त को राजभवन मार्च करने का ऐलान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर बल प्रयोग और गोली चलाने की घटना गंभीर है और सरकार को इसका जवाब देना चाहिए।
तेजस्वी यादव ने कहा कि छात्रों के मुद्दे को आरजेडी बिहार तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि इसे संसद में भी उठाया जाएगा। उन्होंने दिल्ली में पार्टी के सांसदों के साथ बैठक कर इस मुद्दे पर आगे की रणनीति पर चर्चा की।
‘छात्रों पर AK-47 से गोली चलाने का आदेश किसने दिया?’
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर AK-47 से गोली चलाई गई। उन्होंने सवाल उठाया कि गोली चलाने का आदेश किसने दिया और इसकी जिम्मेदारी किसकी है।
उन्होंने कहा कि सिवान में घायल छात्रों से उन्होंने मुलाकात की थी और पार्टी की ओर से आर्थिक सहायता भी दी गई। तेजस्वी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर इस मामले में चुप्पी साधने का आरोप लगाया।
तेजस्वी ने कहा कि एक पुलिसकर्मी को निलंबित कर कार्रवाई पूरी कर देने से जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। उन्होंने पूछा कि सिवान के एसपी को अब तक निलंबित क्यों नहीं किया गया, जबकि डीजीपी से मुलाकात के दौरान कार्रवाई का भरोसा दिया गया था।
‘बिहार को पुलिसिया स्टेट नहीं बनने देंगे’
तेजस्वी ने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि छात्रों पर हुई कार्रवाई के लिए कौन जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार को पुलिसिया स्टेट बनाने की कोशिश की जा रही है, जिसे आरजेडी स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के नेताओं ने घायल छात्रों से मिलने की पहल नहीं की। तेजस्वी ने मुख्यमंत्री से छात्रों से मिलने और पूरे मामले पर जवाब देने की मांग की।
19 अगस्त को पार्टी कार्यालय से राजभवन तक मार्च
तेजस्वी यादव ने बताया कि 19 अगस्त को सुबह 11 बजे आरजेडी के विधायक, विधान पार्षद और कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय से राजभवन तक मार्च करेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर लोगों में आक्रोश है और पार्टी इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगी।
तेजस्वी ने संसद में छात्रों के मुद्दे को उठाने के लिए राहुल गांधी और अखिलेश यादव का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि छात्रों की गिरफ्तारी, पुलिस कार्रवाई और उनकी मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा।
आरजेडी इससे पहले भी गिरफ्तार छात्रों की रिहाई और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग कर चुकी है। पार्टी ने संकेत दिया है कि यदि सरकार ने छात्रों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।






